नई दिल्ली | 27 अक्टूबर 2026 मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार और विपक्षी दलों के बीच जारी राजनीतिक घमासान और तीखा हो गया है। आगामी 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में होने वाली INDIA गठबंधन की महारैली को लेकर व्यापारी संगठनों की चिंताओं पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रुख साफ किया है।
दिल्ली के प्रमुख व्यापारी संगठन चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) द्वारा दिवाली सीजन के व्यापार का हवाला देते हुए रैली स्थगित करने की मांग पर राहुल गांधी ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य चुनाव आयुक्त को उनके पद से हटा दें, तो यह विरोध प्रदर्शन महज 30 सेकंड में समाप्त हो सकता है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग पर ‘व्यापारिक गोपनीयता’ (Trade Secrets) का हवाला देकर सॉफ्टवेयर की जानकारी छिपाने और उत्तर प्रदेश में फॉर्म 6 के जरिए बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया है।
Quick Highlights
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राहुल गांधी की व्यापारियों से अपील: व्यापारियों की रैली टालने की मांग पर कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करते ही 30 सेकंड में आंदोलन बंद हो जाएगा।
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मल्लिकार्जुन खरगे का बड़ा हमला: चुनाव आयोग पर RTI के तहत ‘ECINET’ सॉफ्टवेयर की जानकारी देने से मना करने और ‘ट्रेड सीक्रेट’ का बहाना बनाने का आरोप लगाया।
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उत्तर प्रदेश में मतदाता फॉर्म जांच का आदेश: पीलीभीत सदर विधानसभा में धांधली की शिकायतों के बाद UP के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने 10 अप्रैल के बाद दर्ज सभी फॉर्म 6, 7 और 8 की गहन जांच के दिए आदेश।
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व्यापारियों की चिंता (CTI Request): CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने चेतावनी दी थी कि त्यौहारी सीजन में रामलीला मैदान रैली से 10,000 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित हो सकता है।
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विपक्ष की 3 मुख्य मांगें: CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR प्रक्रिया पर तुरंत रोक और कटे हुए करोड़ों पात्र वोटरों के नाम मतदाता सूची में वापस जोड़ना।
‘चुराए गए वोट के साथ दुकान, बचत और भविष्य कुछ सुरक्षित नहीं’ — राहुल गांधी
व्यापारी संगठन CTI द्वारा दिए गए पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर हिंदी में संदेश जारी किया।
राहुल गांधी ने व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा:
“दिल्ली के हर व्यापारी भाइयों और बहनों: हम आपसे प्यार करते हैं और आपकी चिंताओं को अच्छी तरह समझते हैं। सरकार ने रास्तों को सील कर दिया, मेट्रो बंद कर दी और राजधानी को लॉकडाउन जैसी स्थिति में डाल दिया। लेकिन याद रखिए, चुराए गए वोट के साथ कुछ भी सुरक्षित नहीं रहता—न आपकी दुकान, न आपकी बचत और न ही आपके बच्चों का भविष्य। आप सभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहिए कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करें, और हमारा यह प्रदर्शन 30 सेकंड के भीतर बंद हो जाएगा।”
‘ट्रेड सीक्रेट’ के नाम पर ECINET सॉफ्टवेयर छिपाने का आरोप — मल्लिकार्जुन खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर आक्रामक हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ‘वोट चोरी’ के गंभीर खुलासों के बावजूद मुख्य चुनाव आयुक्त का बचाव करने में जुटी है।
खरगे ने सोशल मीडिया पर खुलासा किया कि जब सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत SIR प्रक्रिया में इस्तेमाल किए गए ‘ECINET’ सॉफ्टवेयर की तकनीकी जानकारी मांगी गई, तो चुनाव आयोग ने इसे ‘व्यापारिक गोपनीयता’ (Commercial Confidence and Trade Secrets) का हवाला देते हुए साझा करने से इनकार कर दिया।
खरगे ने कहा:
“चुनाव आयोग की यह बार-बार की नाकामी और जानकारी छिपाने की जिद यह साबित करती है कि SIR प्रक्रिया के नाम पर एक केंद्रीय स्तर पर धांधली की गई है। यह लड़ाई केवल वोट बचाने की नहीं है, बल्कि देश के संविधान और लोकतंत्र को बचाने का जन-आंदोलन है। हम 1 नवंबर को रामलीला मैदान में ‘वोट चोरी’ के खिलाफ ‘दिल्ली चलो’ का ऐतिहासिक आह्वान कर रहे हैं।”
उत्तर प्रदेश में गर्माया फॉर्म 6 विवाद: पीलीभीत के बाद पूरे राज्य में जांच के आदेश
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने शिकायत दर्ज कराई थी कि पीलीभीत सदर विधानसभा सीट पर हजारों मतदाताओं के नाम और पते बदल दिए गए, जबकि उनके मतदाता पहचान पत्र (EPIC) नंबर और क्रमिक संख्या यथावत रहे। इसके अलावा राज्य में 16.18 लाख से अधिक फॉर्म 6 आवेदनों के विवरण सार्वजनिक न किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया।
विवाद बढ़ने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने राज्य के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में सख्त निर्देश जारी किए हैं:
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फॉर्म 6, 7 और 8 की स्क्रूटनी: 10 अप्रैल 2026 (SIR की समाप्ति) के बाद कंप्यूटर ऑपरेटरों/सहायकों द्वारा दर्ज किए गए सभी ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदनों (फॉर्म 6, 7 और 8) की दैनिक समीक्षा और पुनः सत्यापन किया जाएगा।
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कंप्यूटर सहायकों पर रोक: केवल बूथ लेवल अधिकारी (BLO) ही बीएलओ ऐप के माध्यम से नए आवेदनों की प्रविष्टि करेंगे। कंप्यूटर सहायकों को सीधे डेटा एंट्री करने से रोक दिया गया है।
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कार्रवाई की चेतावनी: अधिकारियों और कंप्यूटर सहायकों को आगाह किया गया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी पाए जाने पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 के तहत आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।
एक नजर में: चुनाव आयोग विवाद और प्रमुख अपडेट्स
| विषय / पहलू | मुख्य विवरण |
| 1 नवंबर रामलीला मैदान महारैली | ‘वोट चोरी’ और SIR विवाद के खिलाफ INDIA गठबंधन का दिल्ली में महा-प्रदर्शन |
| राहुल गांधी का स्टैंड | रैली तभी रुकेगी जब PM मोदी CEC ज्ञानेश कुमार को उनके पद से बर्खास्त करेंगे |
| ECINET सॉफ्टवेयर विवाद | RTI में जानकारी मांगने पर चुनाव आयोग ने ‘ट्रेड सीक्रेट’ का हवाला देकर अर्जी खारिज की |
| UP CEO नवदीप रिणवा का एक्शन | पीलीभीत में धांधली की शिकायत के बाद 10 अप्रैल से दर्ज सभी फॉर्म 6, 7 और 8 की जांच के आदेश |
| गठबंधन की तीन मुख्य मांगें | CEC का इस्तीफा, 2023 संरक्षण कानून रद्द करना, SIR प्रक्रिया रोकना और बैलेट पेपर से चुनाव |
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी को लेकर शुरू हुई यह लड़ाई अब तकनीकी और प्रशासनिक जांच के मोर्चे तक पहुंच चुकी है। एक तरफ जहां विपक्ष इसे ‘वोट की रक्षा’ का बड़ा जन-आंदोलन बनाकर 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली में ताकत झोंकने जा रहा है, वहीं उत्तर प्रदेश में मतदाता फॉर्मों की बड़े पैमाने पर शुरू हुई जांच ने चुनाव आयोग की व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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Prominent Journalist Amritpal Singh
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As a senior journalist and Director of Chardikala Time TV, he has played a vital role in strengthening Punjabi media at a global level.










