1,338 पंच सम्मेलनों में 5.26 लाख से अधिक पंचायतराज पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं कार्मिकों की सहभागिता देशभर में विकसित भारत-गारंटी फॉर…
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Emphasising the changing demands of the technology-driven world, the Vice President said education cannot be limited to degrees. “We just…
Live : Vice President Shri C. P. Radhakrishnan graces the Silver Jubilee Celebrations of Rajagiri School of Engineering & Technology…
Lakshadweep welcomed Vice President Shri C. P. Radhakrishnan with warmth, smiles and affection on his first visit to the islands.…
This is the true maritime strength of these islands.” : Vice President Shri C. P. Radhakrishnan graced the Fisheries Outreach…
He was warmly received by Shri Praful K. Patel, Administrator, Union Territory of Lakshadweep, and was also accorded a Guard…
Vice President Shri C. P. Radhakrishnan graced the Fisheries Outreach Programme at Agatti, Lakshadweep, and released “Mission Rangeen Machhli 2031”,…
पतंजलि में उपचार कराने आने वाले सभी मरीजों का डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड तैयार -5000+ डॉक्टर और 500+ वैज्ञानिकों के साथ काम कर रहा पतंजलि का विशाल नेटवर्क -पतंजलि इसी उपचार पद्धति के साथ इंटीग्रेटेड हेल्थ मॉडल की ओर बढ़ा चुका है बड़ा कदम -पूज्य स्वामी रामदेव और श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण की सोच से साकार होगा मेडिकल टूरिज्म का ‘वैश्विक ग्लोबल हब’ हरिद्वार: पतंजलि आज उन लाखों लोगों के लिए उम्मीद का केन्द्र बनकर उभरा है, जो जीवनशैली जनित रोगों से लंबे समय से जूझ रहे हैं। एजिंग, क्रानिक डिजीज और लाइफस्टाइल डिस्आर्डर से पीड़ित पतंजलि की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं। यही वजह है कि देश-दुनिया के 1.38 करोड़ से अधिक मरीजों ने बीते कुछ सालों में पतंजलि के ‘वैलनेस मॉडल’ पर अटूट भरोसा जताया है। दिलचस्प पहलू यह है कि इसमें 88 देशों के 45 हजार से अधिक विदेशी मरीजों का उपचार किया गया और इनका लगातार आना आयुर्वेद को वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है। इसे और धार देने के लिए ‘पतंजलि इंटीग्रेटेड हेल्थ मॉडल’ की ओर पतंजलि ने कदम बढ़ा दिए हैं। इलेक्टि्ानिक मेडिकल रिकार्ड के मुताबिक पतंजलि आयुर्वेदिक हॉस्पिटल, वैलनेस और चिकित्सालयों में यूरोप, मध्य-पूर्व, दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका समेत करीब 88 देशों के 45 हजार से अधिक विदेशी उपचार कराने आ चुके हैं। इन्हीं कुछ वजहों से देश में 60% से अधिक आयुर्वेद वैलनेस की डिमांड बीते कुछ सालों में बढ़ी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आयुर्वेदिक वैलनेस रिट्रीट की बढ़ती लोकप्रियता में पतंजलि की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जाहिर है देश में ‘वैलनेस टूरिज्म’ का सपना देख रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच को पंख लगाने की सोच में पतंजलि का भी बड़ा योगदान दे रहा है। ऐसे में इस बात से कतई इंकार नहीं किया जा सकता है कि देश की जीड़ीपी में भी कहीं न कहीं पतंजलि सहायक भूमिका में है। दुनिया के लिए भारत आयुर्वेद का केवल विकल्प नहीं बल्कि भरोसेमंद इलाज का प्रारूप बनता जा रहा है। इन राज्यों से पतंजलि आ रहे सबसे अधिक मरीज वैसे तो पतंजलि में उपचार कराने आने वाले देश के हर राज्य और विदेश से मरीज आते हैं। लेकिन आंकड़े बताते हैं कि उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, गुजरात, हरियाणा और महाराष्ट से मरीजों की संख्या दूसरे राज्यों के मुकाबले कई गुना अधिक है। ———————————————— ऐसे समझे कैसे पतंजलि हेल्थ क्रांति की ओर बढ़ रहा -1.38 करोड़+ मरीजों का इलाज -57% पुरुष, 43% महिलाएं -46% मरीज 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के -99.7% भारतीय, 45 हजार विदेशी मरीज -88+ देशों के मरीजों का उपचार -5000+ डॉक्टर, 500+ वैज्ञानिक -10 लाख से अधिक योगा वॉलेंटियर…
नई दिल्ली, 30 अगस्त: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को पंचकूला में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी…
विमुक्त एवं घुमंतू समाज का इतिहास स्वाभिमान और वीरता की है गाथा- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी नई दिल्ली, 30 अगस्त-…








