नई औद्योगिक नीतियों के तहत पांच वर्षों में पांच लाख करोड़ रुपये निवेश और 10 लाख रोजगार अवसरों का लक्ष्य
बुनियादी ढांचे के साथ सांस्कृतिक विरासत, शहीद परिवारों और जनकल्याण से जुड़े निर्णयों का ब्यौरा
नई दिल्ली , 17 अक्टूबर– हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सरकार के लगातार तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बुनियादी ढांचे, औद्योगिक निवेश, पेयजल और परिवहन से जुड़े कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने औद्योगिक नीतियों के लक्ष्य बताते हुए सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा शहीद परिवारों के कल्याण के लिए किए गए निर्णयों का भी उल्लेख किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हांसी को प्रदेश का 23वां जिला बनाया गया है। प्रादेशिक सड़क उत्थान परियोजना के तहत 4 हजार 827 करोड़ रुपये की लागत से 9 हजार 410 किलोमीटर लंबी 4 हजार 227 सड़कों की मरम्मत की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 1 हजार 70 करोड़ रुपये की लागत से रेवाड़ी बाइपास और 170 करोड़ रुपये की लागत से पिंजौर बाइपास का निर्माण कराया है। सरकार ने विधानसभा चुनाव-2024 के दौरान अपने घोषणापत्र में प्रदेश में 10 नए IMT स्थापित करने का संकल्प लिया था।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में 102 करोड़ रुपये की लागत से 40 नहर आधारित और आठ नलकूप आधारित जलघर स्थापित किए गए। इसी प्रकार, 184 करोड़ रुपये की लागत से 537 नलकूप और 188 बूस्टिंग स्टेशन स्थापित किये गये। उन्होंने कहा कि घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए 1 हजार 167 करोड़ रुपये की लागत से 6 हजार 718 किलोमीटर लंबी पाइपलाइनें बिछाई गई। सरकार ने गांवों के विकास में पंचायतों को मजबूत किया है। विभिन्न योजनाओं और वित्त आयोगों के तहत पंचायती राज संस्थाओं के विकास कार्यो के लिए 3 हजार 919 करोड़ रुपये दिये हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने 71 शहरों में 849 नए सेक्टर विकसित करने के लिए 1 लाख 67 हजार एकड़ भूमि की खरीद प्रक्रिया शुरू की है।
उद्योग, निवेश और कारोबार
मुख्यमंत्री ने बताया कि एक जून 2026 को मेक इन हरियाणा औद्योगिक नीति-2026 सहित 10 सेक्टोरल नीतियां लागू की गईं। इनके तहत अगले पांच वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपये निवेश और 10 लाख रोजगार अवसर सृजित करने का लक्ष्य है। नीति लॉन्च कार्यक्रम में 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश के 123 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए। मुंबई निवेश रोड शो में भी 66 हजार 821 करोड़ रुपये के निवेश से संबंधित 17 समझौते किए गए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने नई MSME नीति-2026 भी लागू की है। इसके तहत, सरकार ने 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश, 5 लाख से अधिक नए रोजगार, हरियाणा के निर्यात को दोगुणा करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा, प्रदेश के 14 लाख से अधिक छोटे उद्योगों को भी इसका लाभ मिलेगा। सितंबर, 2025 से लागू केंद्रीय जी.एस.टी सुधारों से प्रदेशवासियों को 2 हजार 652 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है।
उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में स्टार्टअप जी.-एस-टी सुविधा प्रकोष्ठ और पंचकूला में एम.एस. एम.ई जी.एस.टी प्रकोष्ठ शुरू किया गया है। प्रदेश के 27 कर-जिलों, 5 रेंज कार्यालयों और मुख्यालय में सुविधा केंद्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मंडियों के दुकानदारों और बूथ आवंटियों के लंबित मामलों के समाधान के लिए “विवादों का समाधान” योजना लागू की गई।
विरासत, संस्कृति और शहीद परिवारों का सम्मान
उन्होंने कहा कि गीता के संदेश के प्रसार व कुरुक्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र बनाने के लिए हरियाणा अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती मेला प्राधिकरण गठित किया है। प्रधानमंत्री जी ने कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण जी के पवित्र शंख ‘पांचजन्य’ के प्रतिरूप का लोकार्पण किया। उन्होंने कुरुक्षेत्र में 164 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सिख संग्रहालय का शिलान्यास भी किया।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह द्वारा वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों में जान गंवाने वाले पीड़ित परिवारों के 121 परिजनों को नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए गए। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना में 1 हजार 700 बुजुर्गों को अयोध्या में रामलला के दर्शन, 1 हजार 517 को सचखंड श्री हजूर साहिब, नांदेड़ और 1 हजार 109 को गुजरात के सोमनाथ मंदिर के दर्शन कराए गए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मातृभाषा सत्याग्रहियों की मासिक पेंशन 14 जनवरी 2025 को 15 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये की गई। 10 अक्टूबर, 2026 को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मीडियाकर्मियों को आपात स्थिति में मिलने वाली आर्थिक सहायता 2 लाख 50 हजार से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शहीद परिवारों के साथ पूरी जिम्मेदारी के साथ खड़ी है। सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के युद्ध में शहीद कर्मियों के परिवारों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता 28 दिसम्बर, 2024 को 50 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये की है। 26 जून, 2025 को शहीदों के बच्चों के लिए छठी से बारहवीं कक्षा तक 60 हजार, स्नातक तक 72 हजार और स्नातकोत्तर तक 96 हजार रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने युद्ध में शहीद अग्निवीरों के परिवारों को एक करोड़ रुपये अनुग्रह राशि देने का प्रावधान किया है।
इस मौके पर मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल, आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक मीणा, आयुक्त एवं सचिव श्री के मकरंद पांडुरंग, मुख्यमंत्री के मीडिया एडवाइजर श्री राजीव जेटली सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
Prominent Journalist Amritpal Singh
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As a senior journalist and Director of Chardikala Time TV, he has played a vital role in strengthening Punjabi media at a global level.










