– आर्किटेक्चर व विजुअल आर्ट्स फैकेल्टी का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा राखीगढ़ी
– इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने के बाद देखा पुरातत्व स्थल
24 अक्टूबर 2026, रोहतक। दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) के प्रतिनिधिमंडल ने राखीगढ़ी में चल रहे महोत्सव का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल में आर्किटेक्चर व विजुअल आर्ट्स फैकेल्टी के छात्र शामिल रहे। इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान छात्रों ने इंटरनेशनल कॉफ्रेंस में हिस्सा लिया और राखीगढ़ी स्थित ऐतिहासिक पुरातत्व स्थल को करीब से देखा।
डीन अकादमिक डॉ अजय कौशिक ने बताया कि छात्रों को ऐतिहासिक व पुरातात्विक महत्व समझाने के उद्देश्य से राखीगढ़ी महोत्सव का भ्रमण कराया गया। इस दौरान छात्रों ने सिंधु घाटी सभ्यता की समृद्ध विरासत, प्राचीन नगर नियोजन, भवन निर्माण शैली व सांस्कृतिक परंपराओं के बारे में जानकारी हासिल की। महोत्सव में छात्रों ने ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन कर प्राचीन भारतीय वास्तुकला की विशेषताओं को करीब से समझा। भ्रमण के दौरान छात्रों ने जाना कि हजारों वर्ष पहले भी सिंधु घाटी सभ्यता के लोग व्यवस्थित आवास, जल निकासी प्रणाली, सड़कों व सार्वजनिक उपयोग की संरचनाओं के निर्माण में दक्ष थे। इन व्यवस्थाओं ने छात्रों को प्राचीन वास्तुकला की तकनीकी समझ और उस समय के समाज की जीवनशैली से परिचित कराया। महोत्सव में प्रदर्शित ऐतिहासिक सामग्री, पुरातात्विक खोजों व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को भी छात्रों ने देखा। उन्होंने विशेषज्ञों से राखीगढ़ी के ऐतिहासिक महत्व व यहां हुई खुदाई से प्राप्त जानकारियों के बारे में चर्चा की।
इस दौरान छात्रों ने विभिन्न संरचनाओं की बनावट, निर्माण में प्रयुक्त सामग्री व पर्यावरण के अनुरूप विकसित वास्तुशिल्पीय विशेषताओं को समझने का प्रयास किया। शैक्षणिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक ऐतिहासिक स्थलों के माध्यम से वास्तुकला की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था। छात्रों ने महसूस किया कि प्राचीन नगरों की योजना और निर्माण तकनीक आज के आर्किटेक्चर के छात्रों के लिए भी प्रेरणादायक हैं। इस प्रकार के भ्रमण से न केवल उनकी तकनीकी समझ विकसित होगी, बल्कि ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी उत्पन्न होगा। छात्रों ने राखीगढ़ी महोत्सव को ज्ञानवर्धक व प्रेरणादायक अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि इस भ्रमण से उन्हें भारतीय इतिहास, संस्कृति व वास्तुकला के आपसी संबंधों को समझने का अवसर मिला। साथ ही, उन्होंने ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण व उनके महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प भी लिया। डीन कल्चरल एवं स्टूडेंट एक्टिविटीज विनय कुमार ने कहा कि राखीगढ़ी महोत्सव का यह भ्रमण छात्रों के शैक्षणिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। इससे उन्हें प्राचीन भारतीय सभ्यता की उपलब्धियों को समझने व भविष्य में आधुनिक वास्तुकला के साथ ऐतिहासिक मूल्यों का समन्वय स्थापित करने की प्रेरणा मिली।
Prominent Journalist Amritpal Singh
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As a senior journalist and Director of Chardikala Time TV, he has played a vital role in strengthening Punjabi media at a global level.










