चंडीगढ़, 16 सितंबर 2026: भाजपा के वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल भुखड़ी कलां ने भारतीय जनता पार्टी द्वारा 18 सितंबर से शुरू की जा रही “नशा मुक्त पंजाब यात्राओं” पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा, “मैं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नबीन जी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी से पूछना चाहता हूं कि आप नशे के खिलाफ जो यात्रा शुरू करने जा रहे हैं, यह तो विपक्ष का काम है। आप भारत सरकार के केंद्रीय गृह मंत्री हैं। आपकी अगुवाई वाली केंद्र सरकार को यात्रा निकालने की बजाय नशे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।”
ग्रेवाल ने अपने सोशल मीडिया मंचों, विशेष रूप से फेसबुक और एक्स के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह से सवाल करते हुए कहा कि सीमा से लगभग 50 किलोमीटर तक का क्षेत्र केंद्रीय सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी के अंतर्गत आता है। इसलिए पंजाब में बाहर से नशा न आने देने की जिम्मेदारी सीधे तौर पर किसकी है? उन्होंने सवाल किया कि कार्रवाई करने की बजाय यात्रा निकालकर क्या केवल राजनीतिक तमाशा किया जा रहा है?
ग्रेवाल ने आगे कहा कि पहले रात के समय ड्रोन के माध्यम से पंजाब में नशा आने की खबरें सामने आती थीं, जबकि इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर में दिन के समय भी ड्रोन के माध्यम से नशा आने की जानकारी सामने आने का उल्लेख किया गया है। उन्होंने श्री अमित शाह से पूछा, “फिर आप क्या कर रहे हैं?”
उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को नशे के खिलाफ यात्रा निकालने और अपनी आवाज उठाने का पूरा अधिकार है, क्योंकि आम लोगों की सरकार तक पहुंच सीमित होती है। लेकिन जब कोई व्यक्ति केंद्रीय गृह मंत्री के पद पर बैठा हो और कड़ी कार्रवाई करने की बजाय यात्रा निकाल रहा हो, तो यह बात कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
ग्रेवाल ने कहा, “माननीय केंद्रीय गृह मंत्री जी, नशे के खिलाफ यात्रा निकालने की बजाय उस रिपोर्ट पर कार्रवाई कीजिए, जिसके बारे में कहा जाता है कि वह न्यायमूर्ति अजीत सिंह बैंस जी द्वारा माननीय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत की गई थी।”
कथित 6,000 करोड़ रुपये के ड्रग मामले का उल्लेख करते हुए ग्रेवाल ने भाजपा पंजाब से जुड़े नेताओं परमिंदर सिंह बराड़ और बोनी अजनाला को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इन नेताओं को भाजपा संगठन में जिम्मेदारियां दी गई हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि परमिंदर सिंह बराड़ और बोनी अजनाला के दिल्ली के राजनीतिक नेता श्री मनजिंदर सिंह सिरसा के साथ नजदीकी संबंध हैं और उनके सुझाव पर उन्हें वाई-प्लस सुरक्षा दी गई है।
ग्रेवाल ने श्री अमित शाह से सवाल किया, “क्या आप इन भाजपा नेताओं को पंजाब की राजनीतिक सभाओं के मंच पर खड़ा करके पंजाब की उन माताओं और उन परिवारों के जख्म कुरेदने आ रहे हैं, जिनके बच्चे नशे की भेंट चढ़ गए हैं?”
उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति अजीत सिंह बैंस जी से संबंधित बताई जा रही रिपोर्ट के पृष्ठ संख्या 11 पर परमिंदर सिंह बराड़ और बोनी अजनाला के संबंध में नशे को लेकर विस्तृत उल्लेख है। उन्होंने श्री अमित शाह से कहा कि दिल्ली में अपनी कुर्सी पर बैठकर ही कार्रवाई कीजिए। आप भारत के गृह मंत्री हैं। आपको मंचों पर आकर जलसे-जुलूस निकालने की जरूरत नहीं है।
श्री अमित शाह जी, जब आपके पास एफआईआर मौजूद हैं और माननीय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति अजीत सिंह बैंस जी की रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने की बात सामने आती है, तो फिर इस मामले में कार्रवाई क्यों नहीं की जाती?
आप फिर पंजाब में किसके पास आ रहे हैं और किसका दुख बांटने आ रहे हैं? क्या आप वास्तव में पंजाब से नशा खत्म करने के लिए गंभीर हैं?
ग्रेवाल ने याद दिलाया कि 19 जुलाई 2015 को उन्होंने पंजाब में नशे के खिलाफ तथा अन्य कथित गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ यात्रा शुरू की थी। इस यात्रा में श्री हरिमंदिर साहिब, श्री दुर्गियाना मंदिर, भगवान वाल्मीकि तीर्थ जी और जलियांवाला बाग को शामिल किया गया था।
उन्होंने उस समय के पंजाब भाजपा अध्यक्ष स्वर्गीय कमल शर्मा जी का सम्मानपूर्वक उल्लेख करते हुए कहा कि वह उनके बारे में कुछ गलत नहीं कहना चाहते और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि कमल शर्मा जी को स्वर्ग में स्थान मिले।
ग्रेवाल ने कहा कि उस समय कमल शर्मा जी ने जिला अध्यक्षों को फोन करके कहा था कि नशे के खिलाफ निकाली जा रही यात्रा भाजपा की नहीं, बल्कि सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल की यात्रा है।
इसके बाद जिला अध्यक्षों ने मंडल अध्यक्षों को जानकारी दी कि ग्रेवाल की यात्रा भारतीय जनता पार्टी की यात्रा नहीं है। ग्रेवाल ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी थी, इसलिए उन्होंने भाजपा का कोई झंडा, डंडा या बैनर नहीं लगाया। उन्होंने अपने साथियों और पंजाब के लोगों के सहयोग से यह यात्रा निकाली।
ग्रेवाल ने बताया कि जब उनका काफिला लाडोवाल टोल प्लाजा से गुजरा तो टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि यात्रा में शामिल होने के लिए 1,000 से अधिक वाहन उनके टोल प्लाजा से गुजर चुके थे।
ग्रेवाल ने कहा कि भाजपा ने आज तक उस यात्रा को अपनी यात्रा नहीं माना। उन्होंने सवाल किया, “जब आपने आज तक उस यात्रा को अपना नहीं माना, तो उस यात्रा में क्या कमी थी और आज आपकी यात्रा में ऐसा क्या खास है?”
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान यात्रा केवल दिखावे के लिए की जा रही है और सवाल किया कि क्या भाजपा नेतृत्व वास्तव में पंजाब के प्रति गंभीर है। उन्होंने कहा कि यदि नेतृत्व वास्तव में गंभीर है तो उसके पास केंद्रीय एजेंसियां हैं, रिपोर्टें हैं और एफआईआर हैं।
ग्रेवाल ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की कार्यवाही के आधार पर गठित एसआईटी का भी उल्लेख किया और कहा कि उसकी चार रिपोर्टें आ चुकी हैं, जिनमें से तीन सार्वजनिक हो चुकी हैं और चौथी अभी बंद है।
उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार चाहती है कि जिन लोगों पर आरोप हैं, वे इसी तरह खुले घूमते रहें और उनके खिलाफ कार्रवाई न हो। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि पंजाब आने से पहले ही, दिल्ली में बैठकर उपलब्ध दस्तावेजों और रिपोर्टों के आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए, ताकि पंजाब की जनता को केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वास्तविक कार्रवाई दिखाई दे।
ग्रेवाल ने उन नेताओं को जिम्मेदारियां दिए जाने पर भी सवाल उठाए, जो उनके अनुसार दूसरी राजनीतिक पार्टियों से भाजपा में आए हैं, जबकि लंबे समय से भाजपा के साथ जुड़े कार्यकर्ता और नेता पीछे रह गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह संगठन, नेतृत्व या जिम्मेदारियां देने की प्रक्रिया में किसी कमी को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को तीन-तीन, चार-चार पीढ़ियों से कांग्रेस ने सम्मान दिया, राजनीतिक स्थान दिया और सुविधाएं दीं, वे वहां से संतुष्ट नहीं हो सके, तो भाजपा उन्हें क्या दे पाएगी? उन्होंने कहा कि बाहर से लाए गए नेताओं के सहारे पंजाब में संगठन को मजबूत नहीं किया जा सकता, जबकि भाजपा के पुराने कार्यकर्ता और नेता घर बैठे रहें।
ग्रेवाल ने आचार्य महाश्रमण जी का भी श्रद्धापूर्वक उल्लेख किया और कहा कि उन्होंने उनकी पहले की यात्रा को देखते हुए उन्हें पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने की जिम्मेदारी दी थी।
उन्होंने बताया कि अपने साथी राजिंदर समराला और उनकी टीम के साथ उन्होंने नशे के खिलाफ “दुखती रग पंजाब दी” नामक नाटक का पंजाब के विभिन्न जिलों में मंचन किया। उन्होंने कहा कि नाटक देखकर लोग भावुक होकर रोते थे, बच्चों को सीख मिलती थी और माता-पिता अपने बच्चों की देखभाल के प्रति जागरूक होते थे। उन्होंने कहा कि जिसने यह नाटक देखा, वह आज तक उसे भूला नहीं है।
ग्रेवाल ने कहा कि उस अभियान का उद्देश्य सत्ता में रहते हुए नहीं, बल्कि सत्ता से बाहर रहते हुए भी पंजाब के लोगों तक नशे के खिलाफ संदेश पहुंचाना था। उन्होंने कहा कि जैन समाज ने इस अभियान को बहुत गंभीरता से लिया, लेकिन भाजपा नेतृत्व ने आज तक उस अभियान को उतनी अहमियत नहीं दी।
ग्रेवाल ने कहा कि पंजाब की सीमा के 50 किलोमीटर क्षेत्र में केंद्रीय एजेंसियां और सुरक्षा बल जिम्मेदार हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि दूसरे राज्यों से होकर नशा पंजाब तक पहुंच रहा है और ड्रोन रात की बजाय दिन में भी आने लगे हैं, तो फिर इसकी जिम्मेदारी किसकी है?
उन्होंने कहा कि नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लड़ाई आम लोगों और प्रभावशाली लोगों के बीच की लड़ाई है। उन्होंने सवाल किया कि क्या केवल यात्रा निकालकर पंजाब के लोगों को यह विश्वास दिलाया जाएगा कि अब पंजाब में नशा रोक दिया जाएगा?
ग्रेवाल ने कहा, “अमित शाह जी, आप समुद्र के मालिक हैं और बात एक छोटे से तालाब की कर रहे हैं। पंजाब का यह तालाब आपके बस से बाहर नहीं है। इसलिए पहले अपनी नीयत और नीति स्पष्ट कीजिए। नहीं तो पंजाबी भूलने वाले नहीं हैं। पंजाब का बहुत नुकसान हो चुका है।”
उन्होंने हिंदू-सिख भाईचारे का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब में हिंदू-सिखों का नाखून-मांस जैसा रिश्ता रहा है और इस एकता ने आतंकवाद तथा हिंसा के खिलाफ मजबूती से संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब को धर्म, जाति या क्षेत्र के नाम पर बांटने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पंजाब को आगे बढ़ाने का रास्ता लोगों को जोड़ने, उन्हें सम्मान देने और उनका मान-सम्मान बहाल करने से होकर जाता है।
ग्रेवाल ने कहा कि वह किसान परिवार से आते हैं और पंजाब में किसानों को विश्वास में लिए बिना कोई भी राजनीतिक संगठन पंजाब में अपनी स्थिति मजबूत नहीं कर सकता। उन्होंने सवाल किया कि पंजाब के किसानों और स्थानीय लोगों से सलाह लेने की बजाय दिल्ली के व्यापारियों और बाहर से आए नेताओं पर निर्भरता क्यों दिखाई जा रही है।
उन्होंने फिर परमिंदर सिंह बराड़, बोनी अजनाला और मनजिंदर सिंह सिरसा का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि क्या भाजपा नेतृत्व यह समझता है कि पंजाब के लोग राजनीतिक घटनाक्रम से अनजान हैं।
उन्होंने पंजाबी कहावत का उल्लेख करते हुए कहा, “बाहुओं से चोर मरवाने हैं, घर की रखवाली मर्द करते हैं।” इसके माध्यम से उन्होंने भाजपा के पुराने और जमीनी कार्यकर्ताओं तथा नेताओं पर अधिक भरोसा करने की बात कही।
ग्रेवाल ने कहा कि दुनिया भर में रहने वाले पंजाबी पंजाब की हर बात को समझते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें पता है कि भाजपा के पास आलोचना करने वालों को “गद्दार”, “देश विरोधी” या “देशद्रोही” कहने का एक तरीका हो सकता है, लेकिन वह अपनी बात ईमानदारी से रख रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वह गुरु को मानने वाले व्यक्ति हैं और गुरु का ओट-आसरा लेकर केंद्रीय गृह मंत्री से अपील कर रहे हैं कि केवल यात्रा निकालने की बजाय अपने पद की जिम्मेदारी निभाएं और न्यायमूर्ति अजीत सिंह बैंस से संबंधित रिपोर्ट तथा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत सामग्री की जांच करवाएं।
ग्रेवाल ने दोबारा परमिंदर बराड़, बोनी अजनाला और मनजिंदर सिंह सिरसा से संबंधित कथित उल्लेखों का हवाला देते हुए कहा कि उपलब्ध सामग्री की जांच की जानी चाहिए, तथ्यों का पता लगाया जाना चाहिए और जहां किसी प्रकार की गड़बड़ी साबित हो, वहां कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “रिपोर्टें खोलिए और कार्रवाई शुरू कीजिए। उन्हें यात्रा का चेहरा मत बनाइए। जांच कीजिए कि उन्होंने क्या किया और कथित ड्रग के पैसे कहां से आए। आज तो वे पांच सितारा होटलों से नीचे रुकते ही नहीं दिखाई देते।”
ग्रेवाल ने अंत में कहा कि उन्होंने 34 वर्षों तक भारतीय जनता पार्टी में काम किया है, भारतीय जनता युवा मोर्चा के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं और किसान मोर्चा में शिवराज सिंह चौहान जी, ओम बिरला जी, सतीश पूनिया जी, अरुण सिंह जी, हुकमदेव नारायण यादव जी, विजयपाल सिंह तोमर जी और ओम प्रकाश धनखड़ जी सहित अनेक नेताओं के साथ काम किया है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने विभिन्न राज्यों के अपने साथियों- हरियाणा के सुभाष उपरेला, उत्तराखंड के महेंद्र भट्ट, उत्तर प्रदेश के स्वतंत्र देव सिंह और ओडिशा के धर्मेंद्र प्रधान- के साथ भी संगठनात्मक कार्य किया है।
ग्रेवाल ने कहा कि पंजाब के नशे के मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखने के कारण व्यक्तिगत नुकसान की उन्हें चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी चिंता केवल पंजाब और पंजाब के लोगों की है।
उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में उन्हें या उनके परिवार को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचता है, तो पंजाब की जनता यह समझेगी कि उन्होंने जो बात उठाई थी, उसके कारण उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ी। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी जान की चिंता नहीं है, उन्हें पंजाब की चिंता है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनके या उनके परिवार की ओर किसी ने बुरी नजर से देखने की कोशिश की या किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित लोगों की होगी।
ग्रेवाल ने अंत में पंजाब की राजनीतिक नेतृत्व से बार-बार अपील करते हुए कहा, “पंजाब को समझ लीजिए, पंजाब को समझ लीजिए। पंजाब गुरुओं के नाम पर बसता है और इसे कोई उजाड़ नहीं सका।”
Prominent Journalist Amritpal Singh
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As a senior journalist and Director of Chardikala Time TV, he has played a vital role in strengthening Punjabi media at a global level.










