कांवड़ यात्रा में हिंदू नाम से दुकानें खोलना धोखा है अपनी असली पहचान बताएं – राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत सुरेन्द्रनाथ अवधूत महाराज विश्व हिंदू महासंघ

दिल्ली। कांवड़ यात्रा सनातन धर्म की एक अत्यंत पवित्र परंपरा है जिसमें लाखों शिवभक्त देशभर से गंगाजल लाकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। यह यात्रा भक्ति, तपस्या और श्रद्धा का प्रतीक मानी जाती है। लेकिन हाल के वर्षों में इस पवित्र यात्रा के दौरान कुछ ऐसे घटनाक्रम सामने आए हैं, जिन्होंने सनातन समाज को चिंता में डाल दिया है।विश्व हिंदू महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कालका पीठाधीश्वर महंत सुरेन्द्रनाथ अवधूत महाराज ने इस पर गहरी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा है कि अगर किसी को हिन्दू धर्म में आस्था ही नहीं है तो फिर हमारे देवी-देवताओं के नाम पर दुकान क्यों?कुछ कुछ लोग अपनी असली पहचान छिपाकर शिवा ढाबा, हनुमान रेस्टोरेंट,श्रीराम होटल,जैसे नामों से व्यापार कर रहे हैं?अगर नीयत साफ है तो अपने वास्तविक नाम से दुकान क्यों नहीं खोली जाती? क्या यह केवल व्यापार बढ़ाने की चाल है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश हैं उन्होंने कहा कि दुकानों से हमें आपत्ति नहीं है, लेकिन झूठे नामों से भक्तों को धोखे में रखकर व्यापार करना गलत है। यह धार्मिक आस्था का अपमान है और समाज को भ्रमित करने की साजिश भी।विश्व हिंदू महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कालका पीठाधीश्वर महंत सुरेन्द्रनाथ अवधूत महाराज ने बताया कि बीते दिनों कई जगह से ऐसी खबरें आईं कि कुछ दुकानों पर खाने में थूका गया शाकाहार के नाम पर मांसाहार परोसा गया और अशुद्ध सामग्री का इस्तेमाल हुआ।कांवड़ यात्रा में अधिकतर शिवभक्त व्रत संयम और शुद्धता के साथ यात्रा करते हैं। वे भोजन और जल तक में सात्त्विकता का ध्यान रखते हैं। ऐसे में अगर किसी स्थान पर उन्हें धोखे से मांसाहार या अपवित्र भोजन परोसा जाए, तो यह केवल छल नहीं धर्म भ्रष्ट करने की कोशिश है। विश्व हिंदू महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कालका पीठाधीश्वर महंत सुरेन्द्रनाथ अवधूत महाराज ने प्रशासन से माँग की है कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर जो लोग झूठे नामों से व्यापार कर रहे हैं उन पर सख्त कार्रवाई हो।कांवड़ियों को ठगने और गुमराह करने वाले प्रतिष्ठानों को ब्लैकलिस्ट किया जाए। विश्व हिंदू महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कालका पीठाधीश्वर महंत सुरेन्द्रनाथ अवधूत महाराज ने दो टूक कहा हमें आपत्ति दुकान से नहीं आपको अगर होटल खोलना है तो अपने असली नाम से खोलिए।अगर आपको राम में आस्था नहीं तो राम के नाम पर व्यापार भी मत करिए।क्योंकि ऐसा करना हमारे धर्म और श्रद्धा के साथ धोखा है।उन्होंने आगे कहा कि विश्व हिंदू महासंघ इस विषय में समाज को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाएगा और भक्तों से अपील करेगा कि वे दुकानों की पहचान और शुद्धता की जांच करके ही सेवा लें।

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