मा0 प्रबुद्धजनों की उपस्थिति में छात्र/छात्राओं/शिक्षाविदों/चिकित्सकों के साथ विकसित भारत@2047 की अवधारणा पर आधारित विचार गोष्ठी/संवाद कार्यक्रम का हुआ सफल आयोजन।
रिपोर्ट रोहित टंडन नेशनल ब्यूरो हेड चीफ़
सुलतानपुर 11 सितम्बर/शासन द्वारा दिये गये निर्देश के क्रम में विकसित भारत, समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश@2047 की अवधारणा पर आधारित कार्यक्रम के अतिथि/मा0 प्रबुद्धजनों- श्री दुर्गा चरन मिश्र, सेवानिवृत्त आई.पी.एस., श्री भारत लाल, सेवानिवृत्त आई.एफ.एस., श्री अशोक कनौजिया, सेवानिवृत्त मुख्य अभियन्ता लोक निर्माण विभाग, डॉ0 नरेन्द्र प्रताप सिंह, सेवा0 प्रो0 आचार्य नरेन्द्र देव कृषि विश्वविद्यालय अयोध्या, डॉ0 सुशील कुमार सिंह, सेवा0 प्रो0 के.एन.आई. सुलतानपुर, मुख्य विकास अधिकारी अंकुर कौशिक, प्रशिक्षु आई.ए.एस. रिदम आनन्द, केएनआईटी प्राचार्य श्री राजीव कुमार उपाध्याय की उपस्थिति में समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश@2047 अभियान की रूपरेखा पर आधारित छात्र/छात्राओं/अध्यापकों एवं शिक्षाविदों के साथ विचार गोष्ठी/संवाद कार्यक्रम का आयोजन के.एन.आई.टी. सुलतानपुर सभागार में किया गया। मा0 प्रबुद्धजनों द्वारा कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन कर सरस्वती वन्दना के साथ किया गया। उक्त कार्यक्रम में के.एन.आई.टी. प्राचार्य, जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा मा0 अतिथिगणों का पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र व मोमेंटो देकर स्वागत किया गया।
तत्पश्चात विचार गोष्ठी का प्रारम्भ मा0 अतिथि/प्रबुद्धजन श्री दुर्गा चरन मिश्र, सेवानिवृत्त आई.पी.एस. द्वारा विकसित भारत, समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश@2047 की रूपरेखा व उद्देश्यो पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 2047 तक भारत को कैसे विकसित राज्य बनाया जाय, इस दिशा में छात्र/छात्राओं/अध्यापकों एवं शिक्षाविदों के सुझाव अपेक्षित हैं। सरकार द्वारा विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों से सुझाव आमंत्रित किये गये हैं आप सभी क्यूआर कोड को स्कैन कर अपने सुझाव अवश्य दर्ज करायें। उन्होंने कहा कि तीन प्रमुख थीम अर्थशक्ति, सृजनशक्ति, जीवनशक्ति पर आधारित कुल-12 सेक्टर के माध्यम से सुझाव आमंत्रित किये गये हैं। मुख्य अतिथि महोदय ने अभियान के उद्देश्यों के बारे में बताते हुए कहा कि आप सभी अपने विकास की योजना बनाने में खुद सहभागी बनें, सरकार का यही मुख्य उद्देश्य है।
तत्पश्चात् विचार गोष्ठी के दौरान छात्र/छात्राओं, अध्यापकों व शिक्षाविदों ने क्रमशः अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किये। इसी क्रम में इलेक्ट्रॉनिक विभाग के विभागाध्यक्ष महोदय द्वारा तकनीकी नवाचार, आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस, गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने का सुझाव प्रस्तुत किया गया। केएनआईटी के छात्र मनीष मिश्रा ने अपने सुझाव देते हुए कहा कि सरकार द्वारा आम जनमानस के बौद्धिक विकास के विषय में कार्यक्रम चलाना चाहिये, जिससे लोगों में अनुसासन विकसित हो तथा साफ-सफाई व स्वच्छता के प्रति जागरूक हों।
इसी प्रकार विश्वनाथ इण्टर कॉलेज के छात्र हिमांशु ने अपने सुझाव देते हुए कहा कि कई विकसित राष्ट्र अपनी युवा पीढ़ी (16 साल तक) को इण्टरनेट व मोबाइल से दूर रखने नियम पारित किया है। हमारी सरकार को भी इस विषय में सोचना चाहिये, जिससे लोगों का मानसिक विकास हो सके। मा0 मुख्य अतिथि महोदय द्वारा इनके सुझाव की सराहना की गई। बेसिक शिक्षा विभाग के प्रधानाध्याक मैथिली सरण मिश्र द्वारा बालिकाओं की शिक्षा पर अत्यधिक बल दिये जाने की बात कही। संस्कृति विद्यालय के प्राचार्य विजय प्रकाश मिश्र द्वारा गुरूकुल शिक्षा पद्धति को पुनः लागू किये जाने की बात कही।
इसी प्रकार केश कुमार बालिका इण्टर कॉलेज की प्राचार्य पल्लवी सिंह ने सुझाव दिया कि माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के खाली पदों को भरा जाना चाहिये, जिससे छात्र/छात्राओं को बेहतर शिक्षा उपलब्ध हो सके। क्योंकि विद्यालयों में तकनीकी विषयों सहित कई अन्य विषयों के पद खाली पड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि समय-समय पर अध्यापकों को बदलती तकनीकी के साथ तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जाना चाहिये। इसी प्रकार बेसिक शिक्षा विभाग से सत्यदेव पाण्डेय ने पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल क्लारूम, स्पोर्ट्स स्कूलों की स्थापना किये जाने से सम्बन्धी सुझाव दिये। कार्यक्रम के अन्त में मुख्य विकासा अधिकारी महोदय द्वारा वहां उपस्थित छात्र/छात्राओं, अध्यापकों व शिक्षाविदों से अपील की गई कि आप सभी क्यूआर कोड को स्कैन कर अपने-अपने सुझाव पोर्टल पर दर्ज करायें तथा वहां से अपने प्रमाण पत्र डाउनलोड करें। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित होने के लिये सभी का आभार व्यक्त किया।
तत्पश्चात् द्वितीय चरण में मा0 प्रबुद्धजनों की उपस्थिति में मेडिकल कॉलेज सुलतानपुर के सभागार में मेडिकल कॉलेज के छात्रोें, ािक्षकों/चिकित्सकों के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ सरस्वती वन्दना व दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। प्राचार्य मेडिकल कॉलेज सुलतानपुर द्वारा सभी मुख्य अतिथिगणों का स्वागत किया गया। तत्पश्चात् मा0 मुख्य अतिथि श्री दुर्गा चरन मिश्र, सेवानिवृत्त आई.पी.एस., श्री भारत लाल, सेवानिवृत्त आई.एफ.एस. द्वारा कार्यक्रम के उद्देश्यों पर विस्तृत प्रकाश डाला गया। तत्पश्चात् चिकित्सकों द्वारा अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किये गये। डॉ0 एस.के. गोयल ने विकसित भारत /2047 की अवधारणा पर अपने विचार रखते हुए कहा कि मेडिकल उपकरणों का निर्माण स्वदेशी स्तर पर भारत में होना चाहिये। उन्होंने दवाओं की दर को और सस्ती किये जाने सम्बन्धी सुझाव दिये। प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज सुलतानपुर डॉ0 सलिल श्रीवास्तव ने आयुष विभाग को और मजबूत करने तथा मेडिकल की शिक्षा क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराने सम्बन्धी सुझाव दिये। डॉ0 अनूप जैन ने सुझाव दिया कि जूनियर चिकित्सकों को बड़े मेडिकल कॉलेज में सर्जरी से सम्बन्धित ट्रेनिंग/प्रैक्टिकल सेशन कराया जाय, जिससे वे शीघ्रदक्ष होकर मरीजों की सेवा कर सके। डॉ0 स्वाती राय ने सुझाव दिया कि सभी चिकित्सालयों को निर्देशित किया जाय कि जो भी मरीज आये उनके इलाज सम्बन्धी दवाओं का एक चार्ट तैयार किया जाय, जिससे अगर कहीं वो अन्यत्र इलाज कराने जाये, तो वहां के चिकित्सक को उनकी हिस्ट्री के बारे में शीघ्र पता हो सके।
तृतीय चरण में समस्त सम्पादक/संवाददाता/प्रिन्ट/इलेक्ट्रॉनिक/सोशल मीडिया बन्धुओं से नवीन कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेसवार्ता/संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मीडिया बन्धुओं द्वारा मा0 प्रबुद्धजनों के समक्ष विकसित भारत, समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेा@2047 की अवधारणा के सम्बन्ध में अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किये गये। डॉ0 आशीष त्रिपाठी, संवाददाता नवभारत टाइम्स द्वारा जनपद सुलतानपुर के साक्षरता, प्रति व्यक्ति आय के सम्बन्ध में अपने विचार रखे। उन्होंने बाजार की उपलब्धता सम्बन्धी समस्या को दूर करने के सुझाव दिये। तत्पश्चात् हिन्दुस्तान ब्यूरोचीफ श्री भारतेन्दु मिश्रा द्वारा सभी को सरकार द्वारा मुफ्त शिक्षा व स्वास्थ्य उपलब्ध कराने की बात कही, जिससे 2047 तक भारत को विकसित किया जा सकता है। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली में सुधार, रोजगार की उपलब्धता आदि से सम्बन्धित सुझाव प्रस्तुत किये। डीडी न्यूज संवाददाता श्री दर्शन साहू द्वारा बेसिक शिक्षा व चिकित्सा में सुधार लाने की बात कही। वरिष्ठ पत्रकार श्री मनोराम पाण्डेय ने युवा पीढ़ी को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध हो, इस दिशा में सरकार को कार्य करना चाहिये। उन्होंने विभिन्न कार्मिकों को मिलने वाले पारितोषिक में समानता लाने की बात कही। इसी प्रकार आशुतोश मिश्रा द्वारा किसानों, बुनकरों आदि को बाजार की उपलब्धता का अभाव होने के सम्बन्ध में सुझाव दिये। पत्रकार श्री राजदेव शुक्ल द्वारा टैक्स में सुधार लाने सम्बन्धी सुझाव प्रस्तुत किये। पत्रकार श्री अंकित राय द्वारा सरकार द्वारा संचालित योजनाओं में बैंक के माध्यम से मिलने वाले ऋण व सब्सिडी सम्बन्धी प्रक्रिया को डिजिटल किये जाने व सरलीकरण करने सम्बन्धी सुझाव दिये।
उपरोक्त कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु सभी मा0 प्रबुद्धजनों का आभार व्यक्त करते हुए उपस्थित सभी लोगों से अपील की गई कि आप सभी अपने-अपने सुझाव क्यूआर कोड को स्कैन कर समर्थ पोर्टल पर दर्ज करायें। इस अवसर पर समस्त सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
