
22 जोड़ों का पंजीकरण पूर्ण, सर्वजातीय सामूहिक विवाह की तैयारियों को मिली नई गति
प्रयागराज।
समाज सेवा और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पण का परिचायक बनते हुए संस्था द्वारा आयोजित प्रस्तावित सर्वजातीय सामूहिक विवाह (15 मार्च 2026) की तैयारियों ने अब निर्णायक रफ्तार पकड़ ली है। संस्था कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान 22 जोड़ों का पंजीकरण सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर हर्ष और उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के उपलक्ष्य में संस्था द्वारा सफलता बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें आयोजन को ऐतिहासिक, भव्य और सुव्यवस्थित बनाने को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ।
बैठक का संचालन संस्था की संस्थापिका/अध्यक्ष श्रीमती रुपाली अवस्थी एवं कोषाध्यक्ष श्री सचिन कुमार के कुशल नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। बैठक में संस्था के सक्रिय पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर शरद श्रीवास्तव, महानंदा श्रीवास्तव, सुदीत्त चटर्जी, प्रेमा श्रीवास्तव, निखिल कृष्णा, अवधेश शर्मा, राजेश शर्मा, सुमन देवी, पुष्पा सोनी, रोशनी श्रीवास्तव, रामशरण तिवारी, सुनीता पाल, बबिता केसरवानी, नेहा केसरवानी सहित अनेक सम्मानित सदस्य मौजूद रहे।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 15 मार्च 2026 को होने वाला यह सर्वजातीय सामूहिक विवाह आयोजन न केवल सामाजिक समरसता का प्रतीक बने, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के लिए सम्मान, सुरक्षा और खुशियों का संदेश भी दे।
तैयारियाँ पूरे जोरों पर हैं, संस्था का हर सदस्य तन-मन-धन से इस पुण्य कार्य में जुटा हुआ है।
इस मौके पर संस्था की संस्थापिका/अध्यक्ष श्रीमती रुपाली अवस्थी ने कहा—
“सर्वजातीय सामूहिक विवाह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के वंचित वर्ग के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। संस्था का हर सदस्य इसे अपने परिवार का दायित्व मानकर कार्य कर रहा है, यही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।”
वहीं कोषाध्यक्ष श्री सचिन कुमार ने कहा कि “अध्यक्ष जी के मार्गदर्शन में यह आयोजन पूरी पारदर्शिता, समर्पण और सेवा भाव के साथ सम्पन्न किया जाएगा, ताकि हर जरूरतमंद परिवार को सम्मान और खुशियाँ मिल सकें।”
यह आयोजन केवल विवाह नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार और सामाजिक समरसता का संगम है। संस्था ने समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि इस महाअभियान में सहभागी बनें, स्वयं उपस्थित होकर सहयोग करें और निर्धन व जरूरतमंद परिवारों के जीवन में खुशियों की रोशनी बनें।
