
राममिलन सालिकराम ज्ञानोदय इन्टर कालेज में हुआ अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन
सुधा सिंह ब्यूरो चीफ सुल्तानपुर
बल्दीराय, सुल्तानपुर।
साहित्यिक आयोजन केवल मनोरंजन के लिए नहीं होते, बल्कि यह समाज को आईना दिखाने का कार्य करते हैं। कवि समाज के पथ-प्रदर्शक होते हैं। उक्त विचार समाजसेवी राम शरण सिंह ने बल्दीराय में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के समापन अवसर पर व्यक्त किए।
शुक्रवार की रात राम मिलन सालिकराम ज्ञानोदय इंटर कॉलेज, बल्दीराय के सभागार में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती एवं भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। संचालन कवि पुष्कर सुल्तानपुरी ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत शायर मकसूद जाफरी की वाणी वंदना से हुई, जिसने कौमी एकता का संदेश दिया
बहराइच से आए कवि देशराज सिंह मधुसूदन ने अपनी पंक्तियों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया—
“वक्त के हाथ अब हम छलेंगे नहीं,
प्यार के पुष्प मन में खिलेंगे नहीं…”
फतेहपुर के शायर शिवम हथगामी ने बेटी पर आधारित कविता सुनाकर तालियों की गड़गड़ाहट बटोरी
“कौन कहता है शूल है बेटी,
घर के आंगन का फूल है बेटी।”
मुख्य अतिथि कवि महेश मिश्र ‘मिसिर’ ने अपनी ओजपूर्ण रचना से खूब ठहाके बटोरे
“अनुनय और विनय की भाषा जिनको समझ नहीं आती,
ऐसे भूतों को लतियाना अच्छा है पर कभी-कभी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे गौरीगंज के कवि अनुपम पांडेय ने अपने काव्य से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। लखनऊ से आए ओज कवि गौरव गौरवांवित की पंक्तियों को भी खूब सराहा गया।
कवि विनय मंगल, कवियत्री नीता सिंह (गोंडा), शिप्रा सिंह तथा शायर मकसूद जाफरी ने भी अपनी रचनाओं से कार्यक्रम में चार चाँद लगाए।
विद्यालय के संस्थापक प्रधानाचार्य एवं कवि कर्मराज शर्मा ‘तुकांत’ ने अपने मुक्तक से विशेष सराहना पाई—
“न बेचो कबीरा की चादर हे प्यारे,
उठाओ नहीं सर पर बादर हे प्यारे।
जतन से सहेजा रहीमा ने जिसको,
वो फोड़ो नहीं प्रेम गागर है प्यारे।”
संचालन कर रहे कवि पुष्कर सुल्तानपुरी ने भी अपनी ग़ज़लों और गीतों से श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया।
ब्लॉक प्रमुख शिव कुमार सिंह ने कवियों का स्वागत करते हुए कहा कि कवि युगदृष्टा होता है और ऐसे आयोजन समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम देर रात तक चला, जिसमें बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमियों ने भाग लिया। अंत में विद्यालय के उपप्रधानाचार्य एवं व्यवस्थापक रामराज शर्मा ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
