‘जहां नरेंद्र भाई ने अक्षर ज्ञान लिया, वहां आना परम सौभाग्य’: वडनगर के ऐतिहासिक स्कूल में भावुक हुए शिवराज सिंह चौहान
साधारण पृष्ठभूमि और फौलादी इरादे रचते हैं इतिहास: वडनगर के स्कूल में बच्चों से बोले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह
वडनगर स्कूल में अध्ययनरत विभिन्न राज्यों के बच्चों ने सुनाई स्वरचित कविताएं, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ लिया ‘विकसित भारत 2047’ का संकल्प
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिक शिक्षा के मंदिर में शिवराज सिंह चौहान ने उनके सहपाठी से सुने बचपन के अनसुने प्रेरक संस्मरण
वडनगर (गुजरात)/ नई दिल्ली, 7 अक्टूबर 2026, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज गुजरात के ऐतिहासिक नगर वडनगर स्थित उस प्राथमिक विद्यालय (प्रेरणा स्कूल) का भावुक और प्रेरणादायी दौरा किया, जहां प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपनी प्राथमिक शिक्षा और जीवन के संस्कार प्राप्त किए थे। उस ऐतिहासिक कक्षा में पहुंचकर, जहां कभी नरेंद्र मोदी बैठकर अध्ययन करते थे, केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने इसे अपना परम सौभाग्य बताया। विद्यालय परिसर और उसी कक्षा में विद्यार्थियों और शिक्षकों से आत्मीय संवाद करते हुए शिवराज सिंह ने कहा कि यदि मन में अटूट संकल्प, कड़ी मेहनत और राष्ट्र सेवा का भाव हो, तो एक सामान्य पृष्ठभूमि से निकलकर भी व्यक्ति विश्व पटल पर देश का नाम रोशन कर सकता है।

मां सरस्वती की पूजा-अर्चना व दीप प्रज्वलन से शुरुआत
विद्यालय परिसर पहुंचने पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान सीधे उसी कक्षा में पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का बचपन बीता था। कक्ष में प्रवेश करते हुए उन्होंने कहा कि जिस पावन माटी ने देश को एक युगदृष्टा और वैश्विक नेता दिया, वहां आकर वे एक नई ऊर्जा, श्रद्धा और प्रेरणा का अनुभव कर रहे हैं। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विधिवत पूजन किया और दीप प्रज्वलित कर प्रार्थना सभा में भाग लिया। इस अवसर पर उनके साथ भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी श्री तरुण चुघ और श्री वी.डी. शर्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
पीएम मोदी के सहपाठी से भेंट, सुने बाल्यकाल के संस्मरण
दौरे का सबसे आत्मीय और भावुक क्षण वह रहा जब केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मुलाकात प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सहपाठी रहे वयोवृद्ध पटेल साहब से हुई। पटेल साहब ने प्रधानमंत्री के छात्र जीवन के संस्मरण साझा करते हुए बताया कि वे स्कूल में नरेंद्र भाई से सीनियर थे, लेकिन दोनों के बीच गहरी मित्रता थी और वे साथ में खेला-कूदा करते थे। उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी बचपन से ही अत्यंत कुशाग्र, निर्भीक, मिलनसार और जनसेवा की भावना से ओत-प्रोत थे।
विद्यार्थियों ने सुनाई स्वरचित कविताएं, गूंजा ‘विकसित भारत 2047’ का संकल्प
विद्यालय में देश के विभिन्न राज्यों से आकर अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों से संवाद करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने उनसे पूछा कि उन्हें उस स्थान पर बैठकर अध्ययन करने में कैसा अनुभव हो रहा है जहां कभी देश के प्रधानमंत्री पढ़ते थे, तो बच्चों ने बड़े गर्व से कहा कि वे स्वयं को अत्यंत भाग्यशाली मानते हैं और देश के लिए जीना ही उनके जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य है। संवाद के दौरान छात्र-छात्राओं ने ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को रेखांकित करते हुए अपनी स्वरचित कविताएं और पंक्तियां प्रस्तुत कीं: ”हम वो पीढ़ी हैं जो इतिहास पढ़ती नहीं, बनाती है… भारत की मिट्टी हमें मुश्किलों से लड़ना सिखाती है।” “आज सपना है, कल परिणाम होगा… 2047 तक दुनिया में भारत का बहुत बड़ा नाम होगा।” “आंखों में सपने, हृदय में अरमान है, विकसित भारत बनाने का हमारा अभियान है। ज्ञान-विज्ञान और मेहनत से देश को आगे बढ़ाएंगे, 2047 में हम देश को विश्व के शिखर पर पहुंचाकर बताएंगे।”
’बड़े सपने देखो और बड़े लक्ष्य हासिल करो’
बच्चों के आत्मविश्वास, तात्कालिक काव्य-सृजन और राष्ट्रप्रेम की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज आपकी सकारात्मक ऊर्जा और कविताओं ने हमें भी गहराई से प्रेरित कर दिया है। नरेंद्र भाई के जीवन ने यह सिद्ध कर दिखाया है कि सामान्य परिवार में जन्म लेने और कठिनाइयों से गुजरने के बावजूद यदि इरादे मजबूत हों, तो कोई भी बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। आप सभी जीवन में बड़े सपने देखें, ज्ञान-विज्ञान और पुरुषार्थ के बल पर आगे बढ़ें और 2047 तक भारत को विश्व के शिखर पर स्थापित करने में अपना योगदान दें।
Prominent Journalist Amritpal Singh
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As a senior journalist and Director of Chardikala Time TV, he has played a vital role in strengthening Punjabi media at a global level.










