संसाधनों पर सबका अधिकार, ट्रस्टी बनकर समाज के काम आए धन’: नई दिल्ली में ‘डूइंग गुड फॉर भारत अवॉर्ड्स 2026’ में बोले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान
महिला स्व-सहायता समूह कर रहे चमत्कार, लखपति दीदियों को ब्रांडिंग और पैकेजिंग में संबल दे उद्योग जगत- शिवराज सिंह चौहान
’वसुधैव कुटुंबकम और ट्रस्टीशिप की भावना ही CSR का असली मूल आधार’- केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर 2026, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित ‘डूइंग गुड फॉर भारत अवॉर्ड्स 2026’ एवं तीन दिवसीय ‘वन पर्पस इंडिया फोरम (OPIF)’ के समापन समारोह में सहभागिता की। इसमें बतौर मुख्य अतिथि अपने प्रेरक संबोधन में केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने भारतीय दर्शन, गांधीवादी ट्रस्टीशिप, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण सशक्तिकरण को समाज सेवा तथा कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) की सच्ची आत्मा बताया।

समारोह में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय चिंतन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति का मूल मंत्र ही ‘आत्मवत सर्वभूतेषु’, ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘प्राणियों में सद्भावना हो व विश्व का कल्याण हो’ रहा है। महाभारत के यक्ष प्रश्न का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा आश्चर्य यह है कि मनुष्य जानते हुए भी कि यह संसार स्थायी नहीं है, सब कुछ केवल अपने लिए जोड़ने में लगा रहता है। उन्होंने कहा कि हम इस दुनिया में एक धर्मशाला की तरह ठहरे हैं।
संसाधनों पर सबका हक, गांधीजी की ट्रस्टीशिप अपनाए उद्योग जगत
महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि कॉरपोरेट और संपन्न वर्ग अपनी अर्जित संपत्ति को केवल स्वयं का न समझे। ईश्वर द्वारा बनाए गए जल, जंगल, जमीन और खनिज जैसे संसाधनों पर पूरे समाज का अधिकार है। CSR कोई 2 प्रतिशत की कानूनी मजबूरी नहीं, बल्कि समाज के प्रति दायित्व और प्रेम से उपजी सेवा भावना है। उन्होंने उद्योग जगत को समाज की संपत्ति का “ट्रस्टी” बनकर वंचितों के कल्याण में आगे आने को कहा।
स्व-सहायता समूहों का चमत्कार: 3 करोड़ बन चुकी हैं ‘लखपति दीदी’
ग्रामीण विकास की उपलब्धियों को साझा करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने बताया कि देश में महिला स्व-सहायता समूहों (SHG) से 10 करोड़ बहनें जुड़ी हैं, जिनमें से 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। बैंकों के माध्यम से 5 वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये का लिंकेज सुनिश्चित किया गया है और इन बहनों का एनपीए (NPA) भी महज 1 प्रतिशत के आसपास है। उन्होंने कॉरपोरेट जगत और परोपकारी संस्थाओं से आह्वान किया कि वे महिला समूहों को ट्रेनिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केट लिंकेज में CSR के जरिए सहयोग दें।

मिट्टी की सेहत, जल संरक्षण और ‘लैब टू लैंड’ पर बल
श्री चौहान ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर जोर देते हुए सभी से जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ और पूर्वजों की स्मृति में पेड़ लगाने का आग्रह किया। अत्यधिक केमिकल फर्टिलाइजर और कीटनाशकों के प्रयोग से धरती की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि आज जमीन को उर्वर बनाने वाले केंचुए तक गायब हो रहे हैं। कृषि को स्वास्थ्य से जोड़ना होगा और वैज्ञानिकों के शोध को सीधे खेतों तक यानी ‘लैब टू लैंड’ पहुँचाना होगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की खाद्य सुरक्षा पूरी तरह अभेद्य और आत्मनिर्भर है।
’शहरों की चमक-दमक में गाँव को न भूलें’
केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने पुरजोर शब्दों में कहा, “शहरों की चमक-दमक में हमें गाँव, गरीब और खेती को कभी नहीं भूलना चाहिए, क्योंकि असली हिंदुस्तान हमारे गाँवों में बसता है।” उन्होंने सामुदायिक कल्याण, पर्यावरण संरक्षण, जल सुरक्षा और सामाजिक नवाचार में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी।
Prominent Journalist Amritpal Singh
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As a senior journalist and Director of Chardikala Time TV, he has played a vital role in strengthening Punjabi media at a global level.










