
आज प्रस्तुत केंद्रीय बजट को लेकर प्रदेश महामंत्री, भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, श्री रवींद्र त्रिपाठी ने कहा कि यह बजट संतुलित, विकासोन्मुखी और ज़मीनी ज़रूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच सरकार ने जिस तरह वित्तीय अनुशासन के साथ बुनियादी ढाँचे, रोजगार और उद्यमिता को प्राथमिकता दी है, वह सराहनीय है।
श्री त्रिपाठी ने कहा कि आम नागरिक के लिए सड़क, रेल, आवास, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में बढ़ा निवेश जीवन-स्तर सुधारने में सहायक होगा। इन योजनाओं से ग्रामीण और शहरी दोनों अर्थव्यवस्थाओं को गति मिलेगी तथा बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
मध्यम और छोटे व्यवसायियों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि कर प्रणाली को सरल बनाने, डिजिटल अनुपालन को बढ़ावा देने और एमएसएमई क्षेत्र के लिए वित्तीय सहायता के प्रावधान व्यापार जगत का मनोबल बढ़ाने वाले हैं। कार्यशील पूंजी की उपलब्धता, स्टार्टअप प्रोत्साहन और निर्यात संवर्धन से देश का कारोबारी माहौल और अधिक प्रतिस्पर्धी बनेगा।
उन्होंने आगे कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और तकनीकी नवाचार पर सरकार का ज़ोर आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती देगा। इससे घरेलू उद्योगों को वैश्विक मंच पर नए अवसर मिलेंगे और युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
अंत में श्री त्रिपाठी ने कहा कि यह बजट केवल खर्च का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि भारत की विकास यात्रा का स्पष्ट रोडमैप है, जिसमें आम आदमी और मध्यम व्यवसाय दोनों की आकांक्षाओं को समान महत्व दिया गया है।
