रिपोर्ट रोहित टंडन नेशनल ब्यूरो हेड

प्रतापगढ़, अव्यवस्थाओं का अम्बार देखना हो तो आइये प्रतापगढ़ कलेक्ट्रेट जहाँ हलकी सी ही बारिश में डूब जाता है सारा कलेक्ट्रेट परिसर बारिश के दिनों में यहाँ वकीलों व दस्तावेज लेखकों की हालत हो जाती बद से बत्तर……
पूरा का पूरा तख्ता डूब जाता है बरसात के गंदे पानी में..इस गंदे पानी में बैठकर काम करने को मजबूर हैं दस्तावेज लेखक व अधिवक्तागण..हॉस्पिटल में डेंगू,टायफाइड, मलेरिया जैसे संक्रामक रोगों से मरीजों के जूझने की ये भी है एक वजह..
इन हालातों में संक्रामक रोगों को बढ़ावा दे रहा है कलेक्ट्रेट परिसर में बरसात का रुका हुआ गन्दा पानी..बारिश के पानी की निकासी का कोई नहीं है रास्ता..
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से कलेक्ट्रेट आने वाले ग्रामीणों को भी जूझना पड़ता है इस कलेक्ट्रेट की जटिल समस्या से..
कहते है लोग..ये समस्या आज कि नहीं बल्कि कई वर्षों है पुरानी..नहीं हो रहा कोई समाधान..
ये तो छोड़िये साहब.. यहाँ तो जिलाधिकारी कार्यालय के सामने ही हुआ रहता है जल भराव..*
जिलाधिकारी महोदय कलेक्ट्रेट परिसर में जिस रास्ते से जाते हैं अपने कार्यालय..उस सड़क पर भरा रहता है बरसात का गन्दा पानी..
बड़ा सवाल.. अगर ये समस्या है कई वर्षों पुरानी तो आज तक क्यों नहीं हुआ समाधान..
जिस परिसर में जिले का जिलाधिकारी व अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठकर करते हैं जिले के विकास की बात… वहां ये हैं हालात..जब प्रतापगढ़ कलेक्ट्रेट परिसर रो रहा अपने हालात पर..तो क्या होगा जिले का हाल.. ये आप खुद ही समझ सकते हैं..!!
