डीएमओ की हीलाहवाली के चलते कागजों में सिमट गया विश्व मच्छर दिवस

 

फोटो खिंचवाकर वायरल कर देने से समस्याओ का नही होगा अंत

कहीं सवाल ना पूंछ लिया जाए इसलिए फोन नही उठाते है बंशीलाल यादव

रिपोर्ट रोहित टंडन नेशनल ब्यूरो हेड चीफ़
सुल्तानपुर मलेरिया/फाईलेरिया से लोगों को बचाने के लिए योगी सरकार प्रदेश के अंतिम पायदान पर खड़े ब्यक्ति तक के लिए योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए कृत संकल्पित है,परंतु जिसको जिम्मेदारी दी गई है वही गैर जिम्मेदार निकल जाए तो जिले के लोगों को योगी सरकार की योजनाओं का लाभ कैसे मिल पाएगा।हम बात कर रहे है डीएमओ बंशीलाल यादव काम से नही बल्कि अपने बड़बोलेपन की वजह से काफी चर्चा में रहते है,बंशीलाल यादव को जब भी किसी योजना से संबंधित जानकारी के लिए फोन किया जाए तो उनका फोन उठता नही,सूत्र बताते है की डीएमओ अवसाद ग्रस्त ब्यक्ति है,उनसे सवाल करने से वो बहुत जल्द आपा खो देते है,सूत्रों का कहना है की डीएमओ को अपने ही विभाग की जानकारी नही रहती,उन्हें यह भी पता नही है की यहा बुधवार के अलावा अन्य दिनों में किस मोहल्ले में सर्वे होगा और कितने बजे से कबतक किया जाएगा। बडबोले बंशीलाल यादव कभी खुद को 2017 बैच का पीसीएस अधिकारी बताकर अपना परिचय दिया करते थे,जिसकी शिकायत पूर्व में रहे मुख्य चिकित्साधिकारी से भी की गई थी,तब उन्हें एहसास हुआ की वह 2017 बैच के पीसीएस नही है,उसके बाद बताना बंद किया,परंतु अभी भी श्री यादव पर कार्यों को लेकर लापरवाही का इल्ज़ाम है।कागजों पर डीएमओ चाहते है की सबकुछ ‘आल इज बेल’ रहे पर नकल में भी अक्ल की जरूरत होती है,सूत्रों की माने तो बंशीलाल यादव नियंत्रण विहीन कर्मी की श्रेणी में हैं, विभागीय कर्मियों में श्री यादव को लेकर गंभीरता नही दिखती, लैब टेक्निशियन यूट्यूबरों को बुलाक खुद डाक्टर बताता है, तो वही फाइलेरिया इंस्पेक्टर बाॅयोलांजिस्ट की कुर्सी पर अनधिकृत रूप से बैठकर खबरें बनवाकर वायरल करवा रहा है, मतलब साफ है कि डीएमओ बंशीलाल यादव का विभाग में किसी पर नियंत्रण नही है, कोई खुद को डाक्टर बता रहा है तो कोई बाॅयोलांजिस्ट की कुर्सी पर बैठकर जिले की लगभग 30लाख आबादी को भ्रम में रखने का काम कर रहा है, और उसे अज्ञानता में नोटिस में नही लिया जा रहा है। डीएमओ फोटो खिंचवा ब्यक्ति है,उनके किस्से सुनकर उनके ही विभाग के लोग हैरान रह जाते है,उन्हें पता नहीं है की मासक्विटो कलेक्शन सेंटर कितने है,सेंटर के काम क्या है,उन्हें नही मालूम की बुद्ववार को फाईलेरिया की जांच कितने बजे से कबतक की जानी चाहिए, उनका दिल-दिमाग मलेरिया और फाईलेरिया से जिले को सुरक्षित रखने में नही लगता,बल्कि वो चाहते है की उनको जिले में चलने वाली क्लीनिक और नर्सिंगहोम की जांच-पड़ताल की जिम्मेदारी मिल जाए जिससे थोड़ा-बहुत काम हो जाए, सूत्र बताते है की बंशीलाल यादव अपने परिजन के नाम से फर्म बनाकर जिले में सप्लाई का भी जुगाड़ कर रहे है,हालांकि जीरो टांलरेंस की योगी सरकार की नज़र जिस दिन मलेरिया-फाईलेरिया विभाग पर पड़ी तो काफी-कुछ निकलकर सामने आएगा।बीते 20 अगस्त को विश्व मच्छर दिवस था,जिसका मकसद मच्छर जनित बीमारियों से जागरूक करना था,परंतु 20अगस्त बीत गया कोई कार्यक्रम की जानकारी नही हुई, जब मुख्य चिकित्साधिकारी डां भारत भूषण से इस संबंध में जानकारी चाही तो उन्हें भी इसकी जानकारी नही थी,जबकि जनपद में शैक्षणिक संस्थान के द्वारा वृहद स्तर पर विश्व मच्छर दिवस के अवसर पर जन-जागरण के लिए कार्यक्रम आयोजित कर आम लोगों को जागरूक करने का काम किया गया।जबकि मच्छर दिवस की जानकारी के लिए डीएमओ बंशीलाल यादव से दूरभाष पर की बार संपर्क करनें का प्रयास किया गया,परंतु उन्होनें फोन नही उठाया,बाद में उन्होनें सवाल पूंछने वाले का मोबाइल ब्लैकलिस्ट कर दिया,मतलब साफ है की इस सरकार में भी पूरानी मानसिकता हावी है।

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