
रिपोर्ट रोहित टंडन नेशनल ब्यूरो हेड
अमेठी में महिलाओं की सुरक्षा और पारिवारिक विघटन को रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान में बेहतर नतीजे आ रहे हैं. बीते एक साल में पुलिस ने नर्म और सख्त रुख अपनाते हुए समाज में कानून का इकबाल बुलंद किया है.
पति-पत्नी के आपसी विवादों को सुलझाते हुए 500 घरों को उजड़ने से बचाया है तो वहीं दूसरी तरफ कानून हाथ में लेने वाले 1492 लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की गई. महिला थाना इंस्पेक्टर समेत जिले के सभी थानों पर स्थापित मिशन शक्ति केंद्र ने घरेलू हिंसा, दहेज और आपसी कलह से पीड़ित महिलाओं की शिकायतों को प्राथमिकता दी.
500 से अधिक शिकायतों का निस्तारण
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पुलिस के प्रयास से सुलह समझौता कराकर 500 से अधिक शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया गया है. महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रत्येक थाने पर मिशन शक्ति केंद्र की स्थापना की गई है. इन केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति न केवल जागरूक किया जा रहा है, बल्कि उन्हें सुरक्षित माहौल का एहसास भी कराया जा रहा है.
स्कूल की छात्राओं को मिल रही सीख
महिलाओं की सहायता के लिए जिले के थानों में जहां मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए हैं तो वहीं स्कूल की छात्राओं को भी थाने में एक्सपर्ट द्वारा सुरक्षा संबंधी जानकारी दी जा रही है. प्रदेश सरकार की इस पहल से महिलाओं के आत्मरक्षा के गुण बताए जा रहे हैं. इसके साथ ही किस तरीके से वह आपात स्थिति में खुद को सुरक्षित रखते हुए तत्काल पुलिस की सहायता लें, इसके बारे में सभी थाना क्षेत्र में एसपी अपर्णा रजत कौशिक की निर्देशन में अभियान चलाकर जानकारी दी जा रहा है.
सरकार के मिशन शक्ति कार्यक्रम से अमेठी जिले की महिलाओं में विश्वास और सशक्तिकरण की भावना को बढ़ावा मिल रहा है. महिला सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए जिले में बनाए गए पिंक बूथ एंटी रोमियो स्कॉट मील का पत्थर साबित हो रहा है. सरकार की इस पहल से महिलाओं की सुरक्षा सम्मान और स्वालंबन को सुनिश्चित करना है.
अमेठी में महिला अपराधों में बड़ी गिरावट
मिशन शक्ति से महिला अपराधों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. बीते 1 साल के आंकड़ों की बात करें तो जनपद अमेठी में 500 से अधिक महिला संबंधी अपराधों का निस्तारण किया गया है. पुलिस के इस प्रयास से महिलाओं और छात्राओं में भी सुरक्षा की भावना जगी है. एक मुस्लिम महिला ने बताया कि पहले और अब में काफी बदलाव हुआ है. अब जब भी हम शिकायत लेकर थाने जाते हैं तो तुरंत सुनवाई होती है. एक मुस्लिम छात्रा मुस्कान ने बताया कि पहले स्कूल जाने में डर लगता था, लेकिन अब डर नहीं लगता है. अब स्कूल जाने में भी डर नहीं लगता है, क्योंकि योगी और मोदी की सरकार है.
शांति भंग करने वालों के खिलाफ एक्शन
अमेठी पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि सभी थानों पर महिलाओं की सहायता के लिए मिशन शक्ति केंद्र की स्थापना की गई है, जहां अलग-अलग रजिस्टर्ड तैयार किए गए हैं, जिस पर प्राथमिकता से शिकायतों को दर्ज कर उसका तय समय अवधि मे निस्तारण किया जा रहा है. इसके साथ ही महिला सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों और शांति भंग करने वालों के खिलाफ पुलिस ने बेहद सख्त रुख अपनाया है. सालभर के भीतर 1492 लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है. पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों में खौफ है और महिलाओं में सुरक्षा की भावना बढ़ी है.
