
यूजीसी मसले पर सुप्रीम कोर्ट के दखल और कांग्रेस से राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह के नकारात्मक रवैये के बीच रायपुर से सांसद बृजमोहन अग्रवाल के दिल्ली आवास पर बुधवार को एक बड़ी बैठक हुई, जिसमें यूजीसी कमेटी की रिपोर्ट तैयार करने वाले भाजपा के 2 केन्द्रीय मंत्रियों और लगभग 15 सांसदों ने आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया। रिपोर्ट तैयार करने में शामिल वरिष्ठ भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि हम सभी सदस्यों ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ-सबका विकास की थीम पर ही यूजीसी की रिपोर्ट के मसले सुलझाने की कोशिश की है।
बैठक में केंद्रीय युवा खेल कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया, शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान, भाजपा के वरिष्ठ सांसद रवि शंकर प्रसाद, नई दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज, होशंगाबाद से सांसद दर्शन चौधरी राज्यसभा से भाजपा के सांसद डा. भीम सिंह, सांसद अभिजीत बंदोपाध्याय आदि सहित नेताओं ने यूजीसी के मुद्दे पर सभी वर्ग के लोगों के हितों का ध्यान रखते हुए पार्टी की आगे की रणनीति पर ठोस बिन्दुओं को लेकर मंथन किया।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यूजीसी के 13 जनवरी 2026 के नए आदेश पर रोक लगाते हुए पिछली 2012 की रिपोर्ट को लागू रहने का आदेश दिया है और मामले की अगली सुनवाई 15 मार्च 2026 तय की है। इस दौरान कमेटी के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने भाजपा सांसदों की मांग के बावजूद कमेटी की रिपोर्ट को साझा करने से इनकार कर दिया। तब उन्होंने ट्विटर के जरिए यह बात कही थी कि यूजीसी ने उनके सुझाव को नहीं माना और इस संबंध में उसने अपनी मनमर्जी चलाई है। इसीलिए देशभर में बवाल हो रहा है।
