
सुल्तानपुर से रोहित टंडन की समाचार 18 न्यूज़ के लिए खास रिपोर्ट
सुल्तानपुर। महात्मा गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कूरेभार में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत आयोजित बौद्धिक सत्र में ‘पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की भूमिका’ विषय पर प्रेरक व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राणा प्रताप पीजी कॉलेज, सुल्तानपुर के समाजशास्त्र विभाग के सहायक आचार्य डॉ. अखिलेश सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ता प्रदूषण, प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन तथा पर्यावरणीय असंतुलन मानव जीवन और आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। विशेष रूप से युवाओं की सक्रिय भागीदारी से इस दिशा में व्यापक परिवर्तन संभव है। डॉ. सिंह ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि यदि युवा वर्ग वृक्षारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता को अपने जीवन का हिस्सा बना ले, तो पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा ही मानव सभ्यता के सुरक्षित भविष्य की गारंटी है। विशिष्ट वक्ता सहायक आचार्य डॉ विरेन्द्र कुमार गुप्ता ने विद्यार्थियों को प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, ऊर्जा संरक्षण अपनाने तथा पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार जीवनशैली विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और संतुलित पर्यावरण ही स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध समाज की आधारशिला है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस. के. श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के प्रभारी एवं समाजशास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेंद्र कुमार मिश्र ने किया। सत्र के दौरान स्वयंसेवकों ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका वक्ताओं द्वारा संतोषजनक समाधान किया गया।
कार्यक्रम के अंत में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. उर्मिला पाण्डेय ने अतिथियों, शिक्षकों और स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
