बेमौसम बारिश और कर्ज के बोझ ने ली मासूमों के पिता की जान।

उमराया गांव में पसरा मातम
​प्रशासन से आर्थिक मुआवजे की मांग।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल।

​कुदरत की मार और आर्थिक तंगी के दोहरे प्रहार के कारण अन्नदाता ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मथुरा जिले के छाता तहसील के गांव उमराया में कर्ज और बेमौसम बारिश से बर्बाद हुई फसल को देख हताश होकर एक किसान योगेश ने खेत पर विषेला पदार्थ खाकर गुरुवार को आत्महत्या कर ली। मृतक अपने पीछे दो छोटे-छोटे बच्चे छोड़ गया,इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

​क्या है पूरा मामला।
​प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक किसान योगेश (25 ) ने इस सीजन में बैंक और साहूकारों से कर्ज लेकर बड़े अरमानों के साथ फसल बोई थी। किसान को उम्मीद थी कि इस बार अच्छी पैदावार होगी जिससे वह अपना पुराना कर्ज उतार सकेगा। लेकिन बीते दिनों हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी लहलहाती फसल को पूरी तरह तबाह कर दिया।
​परिजनों के अनुसार, फसल की बर्बादी देख योगेश पिछले कई दिनों से गहरे मानसिक तनाव में था , उसने अपने मकान जो जर्जर हालत में खड़ा हुआ उसे तुड़वा दिया था, कि फसल आने बाद नया बनाऊंगा । फसल अच्छी न होने की वजह से हताश होकर उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। योगेश की शादी 2016 में चंद्रवती के साथ में हुई थी।वह बहुत ही मेहनती और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे, उसके पिता की मृत्यु लगभग 10 वर्ष पहले हो चुकी है ,उसकी मां का नाम रेखा, भाई का नाम घनश्याम,लड़की का नाम इच्छा , और लड़का कांति है लेकिन ओलावृष्टि के कारण नष्ट हुई फसल खेती में हुए घाटे और ऊपर से कर्ज के दबाव ने उन्हें तोड़ कर रख दिया।
​ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से पीड़ित परिवार के लिए तत्काल आर्थिक सहायता की मांग की

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