जैसा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने बिल्कुल सही कहा है, “शिक्षा केवल आजीविका का साधन नहीं है, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने का एक सशक्त माध्यम है।” आज स्कूल की सुरक्षा का दायरा केवल भौतिक बुनियादी ढांचे तक ही सीमित नहीं है। इसमें साइबर सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, आपदा की तैयारी और अप्रत्याशित स्थितियों में प्रभावी ढंग से निपटने की क्षमता भी शामिल है। देश की राजधानी होने के नाते, सुरक्षित, समावेशी और लचीला शिक्षण माहौल बनाने में मिसाल कायम करने की दिल्ली की एक विशेष जिम्मेदारी है।

साथ ही, ‘नेशनल मॉडल स्कूल सेफ्टी टूलकिट’ की शुरुआत भी देखी गई, जो हमारे स्कूलों में तैयारी और बचाव की संस्कृति को संस्थागत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसकी शुरुआत इसलिए भी खास है क्योंकि दिल्ली इस जुलाई में ‘बाल सुरक्षा माह’ मना रही है, जिसके तहत बच्चों की सुरक्षा के लिए कई तरह की पहल की जा रही हैं।

मेरे मन में मेरे दादाजी, सरदार तेजा सिंह समुंद्री की भी यादें ताज़ा हो आईं। उन्होंने एक सदी से भी पहले सरहाली और लायलपुर जैसे ग्रामीण इलाकों में स्कूल खोले थे। उनका मानना था कि शिक्षा ही एक मज़बूत और जागरूक समाज की नींव होती है। सुरक्षित और सशक्त बनाने वाले संस्थान ही भविष्य को आकार देते हैं—उनकी इस सोच से हमें प्रेरणा मिलती है। हम ऐसे स्कूल बनाने की कोशिश कर रहे हैं जो न सिर्फ़ पढ़ाई-लिखाई में बेहतरीन हों, बल्कि हर बच्चे के लिए सुरक्षित, मज़बूत और उनके विकास में मददगार भी हों।

Prominent Journalist Amritpal Singh
Significant Contributions to Journalism & Media
As a senior journalist and Director of Chardikala Time TV, he has played a vital role in strengthening Punjabi media at a global level.










