25 जुलाई, 2026 | नई दिल्ली | Abhijeet Dipke Statement on Dharmendra Pradhan Resignation: नीट (NEET-UG) परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक विवाद के कारण 20 से अधिक अभ्यर्थियों की असमय मृत्यु और महीने भर चले राष्ट्रव्यापी उग्र प्रदर्शनों के बाद शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र सौंप दिया। हालांकि, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के तुरंत बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने साफ कर दिया है कि उनका आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है।
जंतर-मंतर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा तो महज एक शुरुआत है। उन्होंने केंद्र सरकार के समक्ष दो नई सख्त शर्तें रखते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, छात्र पीछे हटने वाले नहीं हैं।
‘1 करोड़ का मुआवजा और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई जरूरी’: सीजेपी प्रमुख
अभिजीत दीपके ने सरकार के सामने रखी गई दो प्रमुख मांगों का ब्योरा देते हुए कहा:
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पीड़ित परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा: नीट परीक्षा में हुई अनियमितताओं और मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले सभी छात्रों के परिवारों को केंद्र सरकार की ओर से तुरंत 1 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता राशि दी जाए।
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20 जुलाई के लाठीचार्ज पर पुलिसकर्मियों पर एक्शन: 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर बर्बर बल प्रयोग और लाठीचार्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों और जवानों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
मीडिया को संबोधित करते हुए सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा:
“धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन यह गतिरोध खत्म करने के लिए काफी नहीं है। जिन मासूम बच्चों ने आत्महत्या की है, उनके परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलना ही चाहिए। इसके अलावा, 20 जुलाई को जिस तरह पुलिसकर्मियों ने गुंडागर्दी करते हुए छात्रों पर हमला किया, उन अधिकारियों पर कार्रवाई होना अनिवार्य है।”
‘कॉकरोच से पंगा मत लेना’: केंद्र सरकार को सीजेपी की सीधी चेतावनी
अपने आक्रामक रुख को बरकरार रखते हुए अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार को सीधे शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा:
“याद रखिए, कॉकरोच से कभी पंगा मत लेना! हमारी दो मांगें और बची हैं, हम ऐसे ही वापस नहीं जाने वाले। हम कॉकरोच हैं, जब एक बार कहीं प्रवेश कर जाते हैं तो फिर आसानी से बाहर नहीं निकलते।”
उनके इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि जब तक सरकार लिखित रूप में उनकी सभी शर्तों को स्वीकार नहीं कर लेती, तब तक जंतर-मंतर पर धरना और प्रदर्शन जारी रहेगा।
क्या होगी तीसरे दौर की बातचीत? मुख्य प्रवक्ता सौरव दास का बयान
सरकार के साथ होने वाली वार्ता के अगले चरण को लेकर जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि संगठन अब सरकार की ओर से आधिकारिक बुलावे का इंतजार कर रहा है।
सौरव दास ने कहा:
“जब सरकार की तरफ से हमें औपचारिक बुलावा आएगा, तब हम बातचीत के लिए जाएंगे। वही हमें बैठक का सही समय और स्थान बताएंगे।”
आपको बता दें कि शनिवार सुबह ही सीजेपी ने तीसरे दौर की बैठक से पहले शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर सीधा जवाब मांगा था, जिसके बाद दोपहर में धर्मेंद्र प्रधान का त्यागपत्र सामने आया।
एक नजर में: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP की वर्तमान स्थिति
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नीट आंदोलन की दिशा में एक बड़ा राजनीतिक मोड़ जरूर है, लेकिन सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके के कड़े तेवरों ने स्पष्ट कर दिया है कि जंतर-मंतर पर आंदोलन अभी थमा नहीं है। मुआवजा और दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांगों को लेकर अब गेंद एक बार फिर केंद्र सरकार के पाले में है।
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Prominent Journalist Amritpal Singh
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As a senior journalist and Director of Chardikala Time TV, he has played a vital role in strengthening Punjabi media at a global level.










