रिपोर्ट रोहित टंडन नेशनल ब्यूरो हेड चीफ़
भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल के प्रदेश महामंत्री रवीन्द्र त्रिपाठी ने कहा, “ये सुधार एक परिवर्तनकारी कदम हैं, जो किसानों, एमएसएमई, छोटे व्यापारियों, महिलाओं, युवाओं और मध्यम वर्ग को राहत देंगे, साथ ही पूरे भारत में व्यापार करने में आसानी सुनिश्चित करते हैं. यह केवल एक नीतिगत बदलाव नहीं, यह नागरिकों को सशक्त बनाने और हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है. प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को इस ऐतिहासिक और जरूरी कदम के लिए हार्दिक धन्यवाद.”
जीएसटी में अब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के स्लैब ही रहेंगे. इसके अलावा सभी स्लैब को हटा दिया गया है. नई जीएसटी 22 सितंबर से लागू हो जाएगी. जीएसटी में बदलाव के साथ-साथ दवाओं, रोजमर्रा के कुछ जरूरी सामान और शिक्षा से जुड़े सामान को टैक्स फ्री कर दिया गया है. इसमें दूध, पनीर, ब्रेड और छेना शामिल है.
