दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के अंतर्गत पहलों के समूह में से एक है जिसका उद्देश्य आजीविका विविधीकरण और गरीबी उन्मूलन है। डीडीयू-जीकेवाई का उद्देश्य प्लेसमेंट से जुड़े कौशल कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को कुशल बनाना और ग्रामीण युवाओं के लिए सतत आजीविका को बढ़ावा देना है। उद्योग की बदलती आवश्यकताओं और उभरते रोजगार के अवसरों के अनुरूप, डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के तहत संशोधित दिशा-निर्देशों को वित्तीय वर्ष 2025-26 से लागू किया गया है, जिसमें उद्योग-संचालित प्रशिक्षण, सतत रोजगार, नियोजन पश्चातसहायता में बढ़ोतरी, कौशल उन्नयन और पुनर्कौशलन के अवसरों तथा प्रशिक्षण वितरण में अधिक लचीलेपन पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) रखरखाव, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य सेवा, देखभाल आधारित अर्थव्यवस्था, खुदरा, आतिथ्य और मीडिया व मनोरंजन जैसे उभरते क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। योजना की शुरुआत से अब तक लगभग 18.45 लाख ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है और लगभग 12.35 लाख अभ्यर्थियों को रोजगार दिया जा चुका है।
डीडीयू-जीकेवाई के तहत परिधान, ऑटोमोटिव, सौंदर्य एवं वेलनेस, निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वास्थ्य सेवा, आतिथ्य, आईटी-आईटीईएस, लॉजिस्टिक्स, खुदरा, दूरसंचार, कृषि एवंसंबद्ध क्षेत्रों सहित अन्य विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का नियोजन अनिवार्य उद्योग साझीदारियों, नियोक्ता समझौतों, रोजगार मेलों, कैंपस प्लेसमेंट अभियानों, उद्योग परामर्शों तथा सेक्टर स्किल काउंसिलों एवं नियोक्ताओं के साथ जुड़ाव के माध्यम से सुगम बनाया जाता है। यह योजना प्लेसमेंट से जुड़े परिणामों और पाठ्यक्रम डिजाइन एवं प्रशिक्षण प्रदान किए जाने में निरंतर उद्योग भागीदारी को अनिवार्य बनाती है। इसके अलावा, उद्योगों के साथ समन्वय सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक राज्य/संघ राज्य क्षेत्र में कैप्टिव नियोक्ताओं के लिए लक्ष्यों का 20% आवंटन और 6 महीने की सफल अनिवार्य नियोजन अवधि से जुड़ी परियोजना कार्यान्वयन अभिकरणों (पीआईए) को बैच मोड भुगतान जैसी विशेषताओं को शामिल किया गया है।
रोजगार के स्थायित्व और टिकाऊपन में सुधार करने के लिए, डीडीयू-जीकेवाई 2.0 में एक वर्ष की नियोजन पश्चातनिगरानी एवं सहायता, परामर्श, प्रवासन सहायता, पूर्व छात्रों को जोड़ना, शिकायत निवारण तंत्र तथा कौशल उन्नयन और पुनर्कौशलन के अवसरों के माध्यम से दीर्घकालिक रोजगार परिणामों (न्यूनतम 6 माह के लिए अधिकतम 20% स्वरोजगार या गिग रोजगार सहित न्यूनतम 70% प्लेसमेंट) पर ध्यान केंद्रित किया गया है। संशोधित ढांचे के तहत, सतत रोजगार और करियर की प्रगति को सुगम बनाने के लिए अभ्यर्थियों की लंबी अवधि तक निगरानी और सहायता की जानी आवश्यक है। योजना की शुरुआत से अब तक लगभग 12.35 लाख अभ्यर्थियों को रोजगार दिया जा चुका है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए, लगभग 1.37 लाख ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए ₹750 करोड़ का बजट अनुमान रखा गया है। इसके अलावा, राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को ₹361.96 करोड़ की मूल स्वीकृतिजारी की गई है और राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा अब तक ₹50.89 करोड़ का व्यय किया जा चुका है।
मध्य प्रदेश राज्य में, डीडीयू-जीकेवाई को मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एमपीएसआरएलएम) के माध्यम से कार्यान्वित किया जा रहा है। योजना की शुरुआत से अब तक मध्य प्रदेश राज्य में लगभग 93 हजार अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है और लगभग 56 हजार अभ्यर्थियों को रोजगार दिया जा चुका है। इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मध्य प्रदेश राज्य को ₹10.00 करोड़ की मूल स्वीकृतिजारी की गई है।
योजना के अंतर्गत ग्वालियर लोकसभा क्षेत्र में शुरुआत से लेकर अब तक प्रशिक्षित एवं रोजगार प्राप्त अभ्यर्थियों का विवरण नीचे दिया गया है:
| ग्वालियरनिर्वाचन क्षेत्र के जिले | प्रशिक्षित | नियोजित |
| ग्वालियर | 1909 | 701 |
| शिवपुरी | 944 | 579 |
यह जानकारी केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
Prominent Journalist Amritpal Singh
Significant Contributions to Journalism & Media
As a senior journalist and Director of Chardikala Time TV, he has played a vital role in strengthening Punjabi media at a global level.










