दहेज उत्पीड़न व मारपीट के मामले में सभी आरोपी दोषमुक्त – न्यायालय ने अभियोजन के साक्ष्य अपर्याप्त पाए

अभियुक्तगण की ओर से विद्वान अधिवक्ता अरविंद पुष्कर ने सशक्त एवं प्रभावी पैरवी करते हुए न्यायालय के समक्ष तथ्यों और विधिक पक्ष को मजबूती से रखा, जिसे न्यायालय ने संज्ञान में लिया।

यूपी, इटावा। थाना बकेवर क्षेत्र के वर्ष 2007 के एक पुराने दहेज उत्पीड़न एवं मारपीट के आपराधिक मामले में न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। माननीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय संख्या–04, इटावा ने राज्य बनाम सुशील कुमार व अन्य मामले में यह अहम निर्णय सुनाया।

उक्त प्रकरण अपराध संख्या 175/2007 से संबंधित था, जिसमें आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए, 323, 504, 506 तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया था। मामले में सुशील कुमार, पवन कुमार पुत्र राजाराम, बिटोली देवी (जिनकी वाद विचारण के दौरान मृत्यु हो गई), किरण पत्नी राजाराम, धर्मेंद्र कुमार पुत्र विद्याराम एवं विद्याराम पुत्र कालका प्रसाद को अभियुक्त बनाया गया था।

सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों एवं प्रस्तुत साक्ष्यों पर गहन विचार के पश्चात न्यायालय ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में असफल रहा। परिणामस्वरूप, न्यायालय ने सभी जीवित आरोपियों को दोषमुक्त करते हुए उनके जमानती बंधपत्र निरस्त करने के आदेश भी पारित किए।

अभियुक्तगण की ओर से विद्वान अधिवक्ता अरविंद पुष्कर ने सशक्त एवं प्रभावी पैरवी करते हुए न्यायालय के समक्ष तथ्यों और विधिक पक्ष को मजबूती एवं गंभीरता से रखा, जिसे न्यायालय ने संज्ञान में लिया।

यह निर्णय माननीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप सिंह यादव महोदय द्वारा 3 फरवरी 2026 को सुनाया गया।

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