धोपाप धाम के विकास को मिली दो करोड़ की सौगात — आज से शुरू हुआ सर्वे

समाचार 18 न्यूज़ के लिए रोहित टंडन की खास रिपोर्ट
सुलतानपुर। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री एवं धोपाप उन्नयन सेवा समिति के अध्यक्ष श्री रवीन्द्र त्रिपाठी द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन मंत्री श्री जयवीर सिंह से की गई मुलाकात का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। धोपाप धाम के समग्र विकास के लिए शासन द्वारा दो करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
श्री त्रिपाठी ने बताया कि जनपद सुलतानपुर की लम्भुआ तहसील अंतर्गत स्थित ऐतिहासिक तीर्थ स्थल धोपाप धाम में प्रतिवर्ष जेठ दशहरा के अवसर पर लाखों श्रद्धालु स्नान एवं पूजन हेतु आते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम ने लंका विजय के उपरांत इसी स्थल पर स्नान एवं दीपदान किया था


उन्होंने कहा कि वर्षों से उपेक्षित इस तीर्थ स्थल को अब पर्यटन विभाग की विकास सूची में सम्मिलित करा दिया गया है। सी एंड डी एस विभाग के अवर अभियंता अजय सिंह के नेतृत्व में, कार्य के प्रस्तावक व्यापारी नेता के साथ तकनीकी टीम ने तीर्थ स्थल धोपाप धाम पहुंचकर स्थल का भौतिक सर्वे किया।
प्रस्तावित कार्यों में पक्के स्नान घाटों का विकास, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था, जर्जर भवनों का सौंदर्यीकरण तथा अतिथि गृह का निर्माण शामिल है। इन सभी कार्यों के लिए विस्तृत सर्वे कर स्टीमेट तैयार किया गया। व्यापारी नेता श्री रवीन्द्र त्रिपाठी के प्रयासों से ही दो करोड़ रुपये शासन से स्वीकृत होकर कार्य शुरू होने की अवस्था तक पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि धोपाप धाम को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किए जाने से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा क्षेत्र के व्यापार को नई गति मिलेगी।
इस अवसर पर मंदिर के पुजारी राम अच्छेबर उपाध्याय, धीरज उपाध्याय, रणजीत शुक्ल, उमेश शुक्ला, रवि प्रकाश उपाध्याय सहित अन्य स्थानीय लोगों ने कहा कि पूर्व में पर्यटन मंत्री विनोद सिंह के कार्यकाल में भी धोपाप में किसी ने ठोस विकास कार्य नहीं कराया था, जबकि इस बार हमारे क्षेत्र के भाजपा नेता रवीन्द्र त्रिपाठी ने बिना विधायक अथवा सांसद रहते हुए जो प्रयास किया है, उसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है।
इस अवसर पर श्री रवीन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि लम्भुआ विधानसभा सहित सम्पूर्ण सुलतानपुर जनपद के विकास के लिए जितनी उनकी क्षमता है, वह पूरी क्षमता के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आगे भी अन्य पौराणिक स्थलों के विकास के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *