हास्य- व्यंगकार पी.के. ‘दीवाना’ का किया गया सारस्वत अभिनंदन

बरेली। कवि गोष्ठी आयोजन समिति के तत्वावधान में श्रावण मास के उपलक्ष्य में स्थानीय ग्रीन पार्क के पास स्थित स्पर्श ग्रीन अपार्टमेंट में वरिष्ठ कवयित्री शिखा चंद्रा के संयोजन में सरस काव्य गोष्ठी एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसके मुख्य अतिथि सहारनपुर से पधारे ख्याति प्राप्त साहित्यकार डॉ. विजेंद्र पाल शर्मा एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. महेश 'मधुकर' रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता रणधीर प्रसाद गौड़ 'धीर' ने की। माॅं शारदे व महादेव के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर साहित्यिक क्षेत्र में अविस्मरणीय योगदान के लिए वरिष्ठ हास्य- व्यंग्यकार पी.के. 'दीवाना' का सारस्वत अभिनंदन किया गया सम्मान स्वरूप अंग वस्त्र, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह संस्था के अध्यक्ष रणधीर प्रसाद गौड़ 'धीर', वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. महेश 'मधुकर' एवं संस्था के सचिव उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट ने प्रदान किया। कार्यक्रम में शिखा चंद्रा ने सावन पर अपनी रचना इस प्रकार प्रस्तुत की-

सावन की आई बहार, हाॅं क्या हौले -हौले ।
बरसे जो मोतियों की धार, हाॅं क्या हौले -हौले।।
गीतकार उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट ने अपने गीत के माध्यम से कहा कि –
कांवर लेकर निकल पड़ी है, शिव -भक्तों की टोली।
भर देना खुशियों से सबकी, महादेव तुम झोली।।
कवि रामकुमार कोली ने अपनी रचना में बरसात का चित्रण इस प्रकार किया-
झमाझम झमाझम बरसात होगी
ग्राम देवताओं की सौगात होगी अमावस के संग में तो पूनम रहेगी
यदा-कदा दिन में भी तो रात होगी।
श्रावण मास के उपलक्ष्य में आयोजित काव्य गोष्ठी में कवियों ने अपनी रचनाओं से महादेव की महिमा का गुणगान किया और वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इस अवसर पर संयोजिका शिखा चंद्रा, सचिव उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट,दीपक मुखर्जी, ‘दीप’, बृजेंद्र तिवारी अकिंचन, रामधनी निर्मल,रामकुमार अफरोज, राम कुमार कोली, डॉ राजेश शर्मा ककरेली,राज शुक्ल ग़ज़लराज, उमेश अद्भुत, अभिषेक अग्निहोत्री, राजकुमार अग्रवाल,आशुतोष दुबे एवं रमेश रंजन आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मनोज दीक्षित टिंकू ने किया।

 

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