आज पर्वराज पर्युषण महापर्व का तीसरा दिन उत्तम आर्जव धर्म है । उपाध्याय 108 पियूष सागर जी महाराज ने तीसरे तरण का महत्व बताया है कि छल-पलट के आवेश पर विजय प्राप्त करके जीवन मे छल -मुक्त का अभ्यास करना ही उत्तम आर्जव धर्म है । स्वर्ण जैन मन्दिर श्री दिगम्बर जैन पंचायती बड़ा मन्दिर जनरलगंज मे प्रातःकाल 6:30 जलाभिषेक के साथ-साथ नित्यनियम पूजा-पाठ, प्रारंभ विद्वत पंडित महावीर जैन शास्त्री जी गिरीडीह के ध्दारा किया गया इसके उपरान्त शान्तिधारा का प्रथम सौभाग्य भामाशाह गुरूभक्त श्री प्रदीप जैन जी , कमलेश जैन पहाडिया एवं शैलेश जैन को प्राप्त हुआ।
सन्दीप जैन ने बताया कि पूरे भारत देश मे साधु-संतो का जहाँ-जहाँ चातुर्मास चल रहा है वहाँ पर जैन समाज का करीब-करीब हर व्यक्ति तप साधना के साथ -साथ धार्मिक शिविर मे धर्म ज्ञान प्राप्त कर अपने पुण्य मे वृद्धि कर रहे है ।
कल सायंकाल सांस्कृतिक कार्यक्रम लवेंचवाल महिला मण्डल के ध्दारा आचार्य मानुतंग जी कथानक नाटक के रूप मे भक्तामर रचना की महिमा का वर्ण किया गया । जिसका संचालन शिवांगी जैन ने किया और नाटक मे अतुल जैन ( राजा ) , अरिहंत जैन,वैशाली जैन ,सुरभि जैन,कविता जैन,मीना जैन,अंजलि जैन,वीरेन्द्र जैन, सुनील जैन “बैक वाले” अध्यक्ष रशिम जैन ,ममता जैन चंदौरिया ,कल्पना जैन …. उपस्थित थे । कार्यक्रम का पुरस्कार प्रायोजक ममता जैन बाकेबिया ध्दारा किया गया ।
