🚑 🚑 अंबेडकरनगर में स्वास्थ्य विभाग का हाल देखिए जनाब – एंबुलेंस अब मरीज नहीं, किलोमीटर ढो रही है। फर्जी कॉल के दम पर सड़कों पर दौड़ती ये सरकारी गाड़ियाँ अब “मेडिकल रेसिंग कार” बन चुकी हैं।
सूत्र बताते हैं कि सीएचसी बसखारी से जुड़ी 102 और 108 एंबुलेंस रोज़ “दौड़ प्रतियोगिता” में हिस्सा लेती हैं। फर्क बस इतना है कि इनकी रेस में मरीज की जरूरत नहीं – बस फर्जी कॉल और पेट्रोल चाहिए।
जांच में खुलासा हुआ कि आशा बहुओं को भी “फर्जी कॉलिंग एजेंसी” बना दिया गया है। ऊपर से आदेश है कि जितना ज्यादा चक्कर लगाओगे, कंपनी का उतना ही फायदा होगा। मतलब साफ है – एंबुलेंस मरीज के लिए कम और “कंपनी के किलोमीटर बैंक” भरने के लिए ज्यादा भाग रही है।
अब तो हालत ये हो गई है कि बाईपास रोड से लेकर मथुरा बाजार तक एंबुलेंस खड़ी मिल जाएगी, जैसे कोई “टैक्सी स्टैंड” हो। फर्क बस इतना कि टैक्सी किराए पर चलती है और एंबुलेंस सरकारी खजाने पर।
सीएमओ ऑफिस में मामला दबा रह गया, लेकिन सड़कों पर एंबुलेंस का “फर्जी आईडी शो” जारी है।
कहते हैं – “जहां मरीज नहीं, वहां भी एंबुलेंस सही समय पर पहुंच जाती है!”
👉 अब सवाल ये है कि क्या ये एंबुलेंस मरीज बचा रही हैं, या पेट्रोल-डीजल की खपत बचाने का नया बिजनेस मॉडल चला रही हैं? 😅
अगर उच्च स्तरीय जांच करवा गया तो बहुत बड़ा चौंकाने वाला खुलासा होगा
बहुत जल्द ही मीडिया महा अभियान चलायेगा, और करेगा खुलासा
