डीएपी की किल्लत से छाता के किसान है परेशान कैसे हो इसका समाधान।

 

जनपद मथुरा में आजकल रवि की फसल सरसों गेहूं आदि की बुवाई की तैयारी करने में दिन रात एक करने में लगे हुए हैं , इस समय किसानों के सामने डीएपी खाद का संकट है, खाद के लिए किसान दरबार भटक रहे हैं, सरकार को भी कोस रहे हैं, समितियां सहकारी ,बीज गोदाम पर खाद उपलब्ध नहीं है, यदि किसान बाजार में डीएपी खाद खरीदने के लिए जाए तो उसको ऊंचे दामों पर डीएपी मिल रहा है और सरकार कह रही है किसान की आय दोगुनी करने का काम किया जाएगा।
वही बात करें आज छाता सहकारी समिति पर डीएपी लेने पहुंचे किसानों की तो वहां पर मौजूद किसान और राम कुमार, सुरेश चंद्र निवासी रनवारी ने बताया कि कई दिनों से डीएपी खाद के लिए दर-दर भटक रहे हैं ,आज समिति पर खाद आया है , कागज जमा करा दिया,एक एकड़ के हिसाब से एक बोरा डीएपी किस को मिल रहा है, खाद वितरण में अनियमित ना हो उसके लिए नायब तहसीलदार शिवशंकर को वितरण के लिए यहां पर तैनात किया गया है ,उनके साथ में लेखपाल आदि भी मौजूद हैं। किसानों ने कहा कि चुनाव के समय वोट लेने के लिए प्रत्याशी आते हैं कई तरह के वायदे करते हैं और आज किसान के सामने खाद की समस्या है ,कोई पूछने नहीं आ रहा है, रवि की फसल के लिए सरकारी दर पर यदि डीएपी खाद नहीं मिलेगा तो मजबूरन में ब्लैक में खाद बाजार से खरीदना पड़ेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *