आज दिनांक 31/08/2025 दिन रविवार को राधा अष्टमी के पावन अफसर पर जगह जगह राधा अष्टमी मनाई जाती है इसी तरह पांडु नगर में नितिन जेटली (ज्योतिष) द्वारा मनाया गया ।नितिन जेटली जी ने बताया कि राधा अष्टमी क्यों मनाई जाती हे…….. राधा अष्टमी, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है, और यह देवी राधा के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. राधा अष्टमी की कथा के अनुसार, राधा जी का जन्म वृषभानु नामक राजा की यज्ञ भूमि से हुआ था. राधा रानी भगवान कृष्ण की प्रेमिका और शक्ति स्वरूपा मानी जाती हैं, और उनकी पूजा के बिना भगवान कृष्ण की पूजा अधूरी मानी जाती है.
हिंदू मान्यता के अनुसार राधा अष्टमी के दिन श्रद्धा और विश्वास के साथ राधा रानी और श्री कृष्ण की पूजा करने पर व्यक्ति के जीवन से जुड़े सभी कष्ट दूर और कामनाएं पूरी होती हैं. मान्यता है कि राधा अष्टमी व्रत के शुभ फल से व्यक्ति का दांपत्य जीवन हमेशा सुखमय बना रहता है.
राधा अष्टमी के शुभ अवसर पर भोग की थाली में पीली मिठाई, रबड़ी, दही-अरबी की सब्जी, पंचामृत आदि शामिल होते हैं।
विशेष इस दिन विवाहित महिलाएं संतान सुख और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए व्रत रखती हैं।
