
रिपोर्ट रोहित टंडन नेशनल ब्यूरो हेड
मथुरा, मथुरा कोर्ट में वृंदावन के कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ परिवाद स्वीकार हो गया है। अब कथावाचक अनिरुद्धाचार्य को कोर्ट में अपना जवाब देना होगा। इस पर 1 जनवरी 2026 को अगली सुनवाई होगी।
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज के खिलाफ महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में कानूनी जीत मिलने के बाद अखिल भारत हिंदू महासभा की आगरा जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने अपनी प्रतीकात्मक ‘प्रतिज्ञा’ पूरी करने का ऐलान किया है। मथुरा की सीजेएम कोर्ट द्वारा अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ उनके परिवाद को आधिकारिक रूप से स्वीकार किए जाने के बाद मीरा राठौर ने कहा कि वह अब अपनी खुली चोटी को बांधेंगी। बता दें कि कुछ ऐसी ही प्रतिज्ञा चाणक्य ने की थी, जब उन्हें मगध सम्राट धनानंद ने अपमानित करके निकाला था, तब उन्होंने उनकी सत्ता को खत्म करने के बाद चोटी बांधी थी।
खुली चोटी की सौगंध
दरअसल, अनिरुद्धाचार्य का विवादास्पद वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने बेटियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, तब मीरा राठौर ने जोरदार विरोध शुरू किया था। उन्होंने घोषणा की थी कि वह चाणक्य के समान प्रतिज्ञा ले रही हैं और जब तक कथावाचक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह अपनी चोटी नहीं बांधेंगी। उन्होंने इस प्रतिज्ञा को महिलाओं के सम्मान की रक्षा के संघर्ष का प्रतीक बताया था।
कानून की जीत पर खुशी
मथुरा कोर्ट ने बुधवार को मीरा राठौर द्वारा दायर परिवाद को स्वीकार करते हुए अनिरुद्धाचार्य को अब कोर्ट में जवाब देने के लिए बाध्य कर दिया है। अदालत के इस फैसले पर खुशी व्यक्त करते हुए मीरा राठौर ने कहा कि मैंने प्रतिज्ञा ली थी कि जब तक उस कथावाचक पर कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक मैं चोटी नहीं बांधूंगी। आज कोर्ट ने परिवाद स्वीकार कर लिया है, यह महिलाओं के सम्मान की बड़ी जीत है। उन्होंने आगे कहा कि अनिरुद्धाचार्य ने पूरे महिला समाज का अपमान किया था और इस कानूनी जीत के बाद अब वह अपनी प्रतिज्ञा पूरी करते हुए चोटी को बांधेंगी।
1 जनवरी 2026 को होगी सुनवाई
इस कानूनी घटनाक्रम ने एक सोशल मीडिया विवाद को एक गंभीर न्यायिक मामले में बदल दिया है, जहां अब कथावाचक को अदालत के समक्ष अपनी टिप्पणी का उद्देश्य साबित करना होगा। मामले की अगली सुनवाई 1 जनवरी को होनी है।
