
छाता, मथुरा |
हुमाना पीपल टू पीपल इंडिया (Humana People to People India) द्वारा कार्यान्वित और यस फाउंडेशन (YES FOUNDATION) द्वारा समर्थित ‘दिशा परियोजना’ के तत्वावधान में आज छाता में एक विशाल ‘कौशल व्यवसाय व जानकारी मेला’ आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में 630 से अधिक जाबाँज महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर आत्मनिर्भरता की ओर एक मजबूत कदम बढ़ाया।
मुख्य अतिथि एवं वक्ताओ ने
कार्यक्रम गरिमा बढ़ाने बढ़ाई , मेले में विभिन्न सरकारी विभागों के उच्च अधिकारियों ने भी शिरकत की और महिलाओं को मार्गदर्शन दिया।

• श्री रविन्द्र कुमार सिन्हा: लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (LDM)
• डिस्ट्रिक्ट डवलपमेंट मैनेजर: नाबार्ड (NABARD)
• श्री भूपेन्द्र कुमार: डायरेक्टर, आरसेटी (RSETI)
• श्रीमती बुद्धि मिश्रा: डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर, ICDS
• श्रीमती सोनिया: डिस्ट्रिक्ट अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी (DUDA)
• श्रीमती स्वाति तिवारी: सुपरवाइजर, ICDS
विभागवार महत्वपूर्ण जानकारियाँ
A. लीड बैंक योजना (Lead Bank Scheme)
लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर ने महिलाओं को बैंकिंग और वित्तीय समावेशन के बारे में विस्तार से बताया:
• स्वयं सहायता समूह (SHG) लिंकेज: महिलाओं को आसान ऋण उपलब्ध कराना।
• विशेष योजनाएं: PNB और अन्य बैंकों द्वारा महिलाओं के लिए ‘पावर सेविंग अकाउंट’ और विशेष ऋण सुविधाएं।
• वित्तीय साक्षरता: सरकारी लाभ सीधे खाते में (DBT) प्राप्त करने और सुरक्षित बैंकिंग के तरीके।
B. आरसेटी (RSETI – ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान)
आरसेटी के माध्यम से अब तक 26 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। मेले में बताया गया ।
• निःशुल्क प्रशिक्षण: 1 से 6 सप्ताह के आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी गई।
• प्रमुख क्षेत्र: ड्रेस डिजाइनिंग, ब्यूटी पार्लर, अगरबत्ती निर्माण, ज्वेलरी मेकिंग और डेयरी फार्मिंग जैसे क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर।
C. नाबार्ड (NABARD)
नाबार्ड के प्रतिनिधियों ने कृषि और सूक्ष्म उद्योगों के लिए सब्सिडी योजनाओं पर प्रकाश डाला:
• सब्सिडी: डेयरी और कृषि आधारित परियोजनाओं पर 33.33% से 35% तक की सब्सिडी का प्रावधान।
• बाजार पहुंच: महिला दस्तकारों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना।महिला सेल (Women Cell) एवं सुरक्षा छाता
पुलिस विभाग के ‘महिला सेल’ द्वारा महिलाओं की सुरक्षा और कानूनी अधिकारों पर सत्र लिया गया:
• सुरक्षित माहौल (Safe Environment): महिला सेल में महिला पुलिसकर्मी तैनात होती हैं, जिससे पीड़ित महिला बिना झिझक अपनी बात रख पाती है।

• त्वरित कार्यवाही (Fast Action): घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, और यौन अपराधों (जैसे छेड़खानी, रेप) से संबंधित शिकायतों की तत्काल सुनवाई और पंजीकरण।
• हेल्पलाइन नंबर (Helpline Services): 1090 (वूमेन पॉवर लाइन), 181 (महिला हेल्पलाइन), और 112 (आपातकालीन) के माध्यम से 24/7 सहायता उपलब्ध है।
• परामर्श सेवा (Counseling Services): घरेलू कलह या पारिवारिक विवादों को सुलझाने के लिए परामर्श की सुविधा।
• कानूनी सहायता (Legal Aid): महिला को उनके अधिकारों और कानूनी विकल्पों के बारे में जानकारी प्रदान करना।
• गोपनीयता (Confidentiality): महिला की सुरक्षा और गोपनीयता का पूर्ण ध्यान रखा जाता है।
• विशेष अभियान (Special Campaigns): मिशन शक्ति जैसे विशेष अभियानों के माध्यम से महिलाओं को जागरूक और सशक्त बनाना।
सफलता की गूँज: महिला उद्यमियों की प्रेरणादायक कहानियाँ
कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण वह था जब ‘दिशा परियोजना’ से लाभान्वित चार सफल महिलाओं ने मंच से अपनी उद्यमिता की यात्रा (Entrepreneurial Journey) साझा की। उनकी कहानियों ने वहां उपस्थित 630 महिलाओं के भीतर आत्मनिर्भर बनने का नया उत्साह भर दिया:
• श्रीमती संगीता (ग्राम बझेरा): संगीता जी ने बताया कि कैसे दिशा परियोजना से जुड़ने के बाद उनके कौशल में निखार आया और उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपना व्यवसाय शुरू कर गाँव में एक मिसाल पेश की।
• श्रीमती लक्ष्मी (ग्राम अगरयाला): लक्ष्मी जी ने अपनी यात्रा साझा करते हुए बताया कि प्रशिक्षण और मार्गदर्शन ने उन्हें न केवल आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाया, बल्कि समाज में उन्हें एक नई पहचान भी दिलाई।
• श्रीमती भगवान देवी (ग्राम सहार): उन्होंने अपने संघर्ष और सफलता के अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे सही समय पर मिली बैंक लिंकेज और तकनीकी जानकारी ने उनके छोटे से काम को एक लाभदायक व्यवसाय में बदल दिया।
• श्रीमती सीमा (ग्राम खैरा): सीमा जी ने उद्यमिता के लाभ गिनाते हुए बताया कि अब वे अपने परिवार की आर्थिक रीढ़ हैं और अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं।
इन चारों महिलाओं के आत्मविश्वास को देखकर उपस्थित मुख्य अतिथियों और अधिकारियों ने भी उनकी जमकर सराहना की।
इस विशाल आयोजन की सफलता के पीछे दिशा परियोजना की टीम का अथक परिश्रम रहा। कार्यक्रम का सफल क्रियान्वयन निम्नलिखित सदस्यों की देखरेख में हुआ।रविंद्र सिंह, फूल चंद गुर्जर, पृथ्वी राज गुर्जर,अमित कुमार ,हेमकांत शर्मा,मोहिनी शर्मा, आरती और साधना, महिला उप निरीक्षक शकुन वेदवान, कांस्टेबल पूजा मौजूद रहे।
