
समाचार 18 न्यूज़ के लिए रोहित टंडन की खास रिपोर्ट
सुल्तानपुर इस बजट से न तो मंहगाई कम होगी न किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलेगा न ही नवजवानों को नौकरी मिलेगी। हालांकि बातें बड़ी बड़ी की गई हैं और बजट को भविष्य की बेहतरी के लिए लाया हुआ बताया गया है। लेकिन जब देश की लगभग अस्सी प्रतिशत जनता को इस बजट से कोई सीधा फायदा मिलता नहीं दिखाई पड़ रहा है तो इसे कल्याणकारी बजट कैसे कहा जा सकता है ?
शिक्षा क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा देना आगे चलकर घातक सिद्ध होगा। आयुर्वेदिक दवाओं की टेस्टिंग के लिए नेशनल लैब और तीन आयुर्वेद एम्स बनाने की घोषणा बेहतरीन कदम है। प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल खोलने की योजना भी अच्छी है । अच्छी घोषणाएं और भी हैं लेकिन जबतक ये सब घोषणाएं जमीनी हकीकत में न बदलें जबतक इनका कोई मतलब नहीं क्योंकि पिछले दस सालों में सरकार ने अनेक तरह की अच्छी योजनाओं की घोषणाएं की हैं लेकिन उनको सही तरीके से लागू नहीं किया जा सका है।
इस दृष्टि से देखें तो केंद्रीय बजट 2026 निराशाजनक बजट है।
