
सुधा सिंह ब्यूरो चीफ सुल्तानपुर
बल्दीराय/सुल्तानपुर।
किसानों की आय बढ़ाने और लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज अयोध्या के सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय के खाद्य एवं पोषण विभाग में मोटे अनाजों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मिलेट्स प्रसंस्करण, पैकिंग एवं सह विपणन केंद्र का लोकार्पण किया गया। इस केंद्र का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर प्रो० बिजेंद्र सिंह के कर कमलों द्वारा संपन्न हुआ।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि मोटे अनाजों के प्रसंस्करण का यह केंद्र किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा। उन्होंने बताया कि इस केंद्र के माध्यम से ज्वार, बाजरा, रागी जैसे पौष्टिक मिलेट्स किसानों से खरीदे जाएंगे और उनका आधुनिक मशीनों के माध्यम से प्रसंस्करण तथा आकर्षक पैकिंग कर बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा। इससे जहां किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलेगा, वहीं उपभोक्ताओं को पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।

परियोजना की मुख्य अन्वेषक एवं सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. साधना सिंह ने बताया कि मोटे अनाज स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं, लेकिन बदलती जीवनशैली के कारण इनका उपयोग लोगों के भोजन में बहुत कम हो गया है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र न केवल मोटे अनाजों के प्रसंस्करण की सुविधा उपलब्ध कराएगा, बल्कि यहां समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम और जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे, जिससे किसानों और आमजन को मिलेट्स के महत्व और उनके उपयोग की जानकारी मिल सके।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना में सह अन्वेषक के रूप में डॉ. अनीशा वर्मा (सह प्राध्यापक, खाद्य एवं पोषण विभाग), डॉ. आकाश गौरव तथा डॉ. अजीत (सहायक प्राध्यापक, उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय) अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और केंद्र के संचालन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सक्रिय सहयोग प्रदान करेंगे।
कार्यक्रम में अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. डी. नियोगी, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय डॉ. प्रतिभा सिंह, अधिष्ठाता मत्स्यकी महाविद्यालय डॉ. सी.पी. सिंह, निदेशक प्रसार सहित सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय के सभी विभागाध्यक्ष और प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को किसानों की आय बढ़ाने और समाज में पौष्टिक आहार को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास बताया।
