विद्यार्थियों में बढ़ा उत्साह, लगभग एक हजार विद्यार्थियों ने कराया पंजीकरण; सम्मेलन की तैयारियाँ तेज
हरिद्वार, 01 अक्टू्बर : विश्वविद्यालय पतंजलि में आयोजित होने वाले 52वें अखिल भारतीय प्राच्यविद्या सम्मेलन को लेकर विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों में बढ़ते उत्साह को देखते हुए पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। सम्मेलन के लिए अब तक लगभग एक हजार विद्यार्थियों का पंजीकरण हो चुका है। विद्यार्थियों की बढ़ती सहभागिता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने अधिक से अधिक विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को इस महत्वपूर्ण अकादमिक आयोजन से जुड़ने का अवसर प्रदान करने के लिए पंजीकरण की समय-सीमा बढ़ाई है।
देश-विदेश के विद्वानों का होगा संगम
52वें अखिल भारतीय प्राच्यविद्या सम्मेलन में देश-विदेश के विद्वानों, आचार्यों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की सहभागिता होगी। सम्मेलन में संस्कृत, भारतीय दर्शन, धर्म, योग, आयुर्वेद, इतिहास, पुरातत्त्व, भाषाविज्ञान, पांडुलिपि विज्ञान, भारतीय ज्ञान प्रणाली, साहित्य, कला एवं शिक्षा सहित अनेक विषयों पर शोध एवं अकादमिक विमर्श होगा। भारतीय अनुसंधान पद्धति, कुंभ रहस्यम्, भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृत एवं संगणकीय भाषाविज्ञान तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता, प्राचीन भारतीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, भारतीय सौंदर्यशास्त्र एवं काव्यशास्त्र सहित अनेक समकालीन एवं महत्वपूर्ण विषय भी सम्मेलन में चर्चा के केंद्र में रहेंगे।
पंडित परिषद होगी विशेष आकर्षण
सम्मेलन की विशिष्ट परंपरा पंडित परिषद भी विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। इसमें पारंपरिक शास्त्र-परंपराओं में प्रशिक्षित विद्वानों द्वारा गंभीर शास्त्रीय विमर्श एवं संवाद किया जाएगा। इसके माध्यम से प्राचीन ज्ञान परंपरा और आधुनिक अकादमिक दृष्टिकोण के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा मिलेगा।
युवा शोधार्थियों को मिलेगा अवसर
सम्मेलन युवा शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को वरिष्ठ विद्वानों के समक्ष अपने मौलिक शोध प्रस्तुत करने तथा अकादमिक मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर प्रदान करेगा। शोध-सारांश एवं पूर्ण शोध-पत्र संस्कृत, हिंदी एवं अंग्रेजी में प्रस्तुत किए जा सकते हैं। शोध-पत्रों की अकादमिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए दोहरा गुप्त सहकर्मी मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
अखिल भारतीय प्राच्यविद्या सम्मेलन की गौरवशाली परंपरा वर्ष 1918 से चली आ रही है। विश्वविद्यालय पतंजलि, हरिद्वार में आयोजित होने वाला 52वाँ सम्मेलन “विरासत का संरक्षण, भविष्य की प्रेरणा” की भावना के साथ भारत की प्राचीन ज्ञान-संपदा को नई पीढ़ी और वैश्विक अकादमिक जगत से जोड़ने का प्रयास करेगा।
सम्मेलन से संबंधित पंजीकरण, शोध-सारांश, पूर्ण शोध-पत्र, शुल्क एवं अन्य जानकारी के लिए प्रतिभागी सम्मेलन की आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। सम्मेलन का आयोजन विश्वविद्यालय पतंजलि, हरिद्वार, उत्तराखंड में किया जाएगा।
Prominent Journalist Amritpal Singh
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As a senior journalist and Director of Chardikala Time TV, he has played a vital role in strengthening Punjabi media at a global level.










