रिपोर्ट रोहित टंडन नेशनल ब्यूरो हेड
कोलकाता में I-PAC कार्यालय पर हुई ED की छापेमारी अब सीधे कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंच गई है।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) को I-PAC परिसर से जब्त किए गए संवेदनशील राजनीतिक दस्तावेज़ों और डिजिटल डेटा को लीक करने से रोका जाए, और जो भी सामग्री जब्त की गई है, उसे सीलबंद लिफाफे में कोर्ट के सामने पेश किया जाए।
TMC का आरोप है कि ED की कार्रवाई केवल मनी लॉन्ड्रिंग जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि राजनीतिक रणनीति, चुनावी डेटा और आंतरिक सूचनाओं तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
वहीं, दूसरी तरफ ED ने भी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
ED ने कोर्ट में कहा है कि छापेमारी के दौरान जांच में बाधा डाली गई, और आरोप लगाया कि कुछ परिसरों से महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हटा लिए गए। ED का दावा है कि यह कार्रवाई कोयला तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच का हिस्सा है और इसका किसी राजनीतिक दल को निशाना बनाने से कोई संबंध नहीं है।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंची थीं और उन्होंने ED की कार्रवाई को “राजनीतिक साजिश” बताया था। उनका आरोप है कि एजेंसी TMC की चुनावी तैयारी और रणनीति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
अब यह मामला कलकत्ता हाईकोर्ट में दोनों पक्षों की याचिकाओं के साथ पहुंच चुका है। कोर्ट आज ED और TMC दोनों की दलीलें सुनेगा
